- पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत अभी सिर्फ कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने के लिए उनकी नसबंदी की जाती है। उनको पकड़कर रखा नहीं जाता है।
- कुत्तों को नसबंदी के बाद उसी स्थान पर छोड़ना भी पड़ता है जहां से उसे पकड़कर लाया जाता है।
- जितने कुत्तों की नसबंदी होती है, उससे अधिक पैदा होते रहते हैं।
- शहर में अभी एक ही नसबंदी सेंटर है। दूसरा सेंटर बन रहा है, मगर अभी चालू नहीं हुआ है।
पशु कल्याण अधिकारी नगर निगम डॉ. अभिनव वर्मा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अभी प्रति नहीं मिली है। कोर्ट का जो भी आदेश होगा, उस पर अमल किया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार शेल्टर होम बनाने के लिए जगह चिह्नित की जाएगी। कुत्तों के भोजन-पानी के इंतजाम के साथ कर्मचारी भी तैनात किए जाएंगे।