लखनऊ। महिलाओं और युवतियों में पॉलीएंडोक्राइन मेटाबोलिक ओवेरियन सिंड्रोम (पीएमओएस) जिसे पीसीओडी भी कहते हैं, सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। माहवारी अनियमितता से कई तरह की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में हर छात्रा के लिए रोज 30 मिनट व्यायाम करना जरूरी है और 7-8 घंटे की पर्याप्त नींद अनिवार्य है। इससे पीएमओएस का खतरा काफी कम हो जाता है। ये बातें केजीएमयू के स्त्री रोग विभाग की एडिशनल प्रोफेसर डॉ. मोना असनानी ने कहीं। वह अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।
बुधवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के निवेदिता छात्रावास में आयोजित महिला स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. मोना असनानी ने छात्राओं को माहवारी से जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूक किया। कहा कि हॉस्टल में रहने वाली छात्राएं अक्सर घंटों एक ही जगह बैठकर पढ़ाई करती हैं, जिससे शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है। रोजाना 30 मिनट टहलना, योग या हल्की कसरत करने से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है। हार्मोनल संतुलन भी बना रहता है। हार्मोन के असंतुलित होने से कई बीमारियों का खतरा बढ़ता है। इस दौरान छात्राओं ने स्वास्थ्य से जुड़े कई सवाल किए, जिसका उन्होंने जवाब दिया। इस अवसर पर प्रो. अमिता कनौजिया, प्रो. रत्ना कटारिया व छात्राएं मौजूद रहीं।
ये भी दिए टिप्स
-सोने से कम से कम एक घंटा पहले स्क्रीन से दूरी बनाएं।
-जंक फूड से दूरी बनाएं। ज्यादा मन करे तो सप्ताह में सिर्फ दो दिन ही इसे खाएं।
-आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल, अंकुरित अनाज और आयरन से भरपूर चीजें शामिल करें।
-दिनभर में कम से कम 2.5 से तीन लीटर पानी पीएं।
-पढ़ाई या काम के तनाव को दूर करने के लिए ध्यान लगाएं, डांस करें या संगीत सुनें।
डॉ. मोना असनानी ने दी बीमारी से बचाव की जानकारी।
डॉ. मोना असनानी ने दी बीमारी से बचाव की जानकारी।
डॉ. मोना असनानी ने दी बीमारी से बचाव की जानकारी।