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Lucknow News: पीजीआई-केजीएमयू के 30 डॉक्टर शीर्ष वैज्ञानिकों में

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लखनऊ। मरीजों के इलाज के साथ चिकित्सा अनुसंधान में योगदान के लिए पीजीआई और केजीएमयू के डॉक्टरों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की ओर से जारी विश्व के शीर्ष दो फीसदी वैज्ञानिकों की सूची में पीजीआई के 18 डॉक्टर और दो पोस्ट-डॉक्टोरल फेलो, जबकि केजीएमयू के 10 डॉक्टर शामिल हैं। चयन शोध कार्य और उसके प्रभाव के आधार पर किया गया है।
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पीजीआई से संस्थान निदेशक डॉ. आरके धीमन, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के डॉ. राकेश अग्रवाल, डॉ. जयंती कालिता, एंडोक्राइन सर्जरी के डॉ. गौरव अग्रवाल, डॉ. अंशु श्रीवास्तव, डॉ. उज्ज्वल पोद्दार, डॉ. यूसी घोषाल, स्व. डॉ. यूके मिश्रा, मेडिकल जेनेटिक्स की डॉ. रमा देवी मित्तल, नेफ्रोलॉजी के डॉ. नारायण प्रसाद, क्रिटिकल केयर मेडिसिन के डॉ. मोहन गुर्जर, हेपेटोलॉजी के डॉ. अमित गोयल और डॉ. अजय कुमार मिश्रा, बायोस्टैटिस्टिक्स एवं हेल्थ इंफॉर्मेटिक्स के डॉ. प्रभाकर मिश्रा और डॉ. मोना पाठक, एंडोक्राइनोलॉजी के डॉ. रोहित सिन्हा, मॉलिक्यूलर मेडिसिन की डॉ. स्वस्ति तिवारी और क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी के डॉ. दुर्गा प्रसन्ना मिश्रा भी हैं। पोस्ट-डॉक्टोरल फेलो डॉ. सना रजा और रिसर्च एसोसिएट डॉ. मनीषा दुबे भी सूची में शामिल हैं।
केजीएमयू से डॉ. सुजित कुमार कर, डॉ. शैली के. अवस्थी, डॉ. अखिलानंद चौरसिया, डॉ. अब्बास अली मेहदी, डॉ. राजेश कुमार वर्मा, डॉ. शैलेंद्र के. सक्सेना, डॉ. दिव्या मेहरोत्रा, डॉ. सूर्यकांत, डॉ. ज्योति के. सिंह और सेवानिवृत्त डॉ. आरके गर्ग को जगह मिली है।
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इस आधार पर तैयार होती है सूची
स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर की सूची में शोध पत्र, उद्धरण, एच-इंडेक्स, सहलेखन और शोध में वैज्ञानिक की भूमिका जैसे मानकों का आकलन किया जाता है। इसमें दुनिया के शीर्ष वैज्ञानिकों के साथ विभिन्न शोध क्षेत्रों के शीर्ष दो फीसदी शोधकर्ताओं को शामिल किया जाता है।
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