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मूर्ति विसर्जन के दौरान तीन की डूबने से मौत, मचा कोहराम

Sat, 08 Apr 2017 12:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बहराइच
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घाघरा में डूबे तीन युवक - फोटो : amar ujala
गुरुवार देर शाम दुर्गा प्रतिमा को घाघरा नदी में विसर्जित करने आए छह युवकों में तीन की घाघरा में डूबने से मौत हो गई। तीनों युवक नदी में अर्द्धनिर्मित पिलर में फंसकर गहरे पानी में चले गए। जब तक उन्हें बचाने का उपाय किया जाता, तब तक वे डूब गए। सुबह तीनों युवकों के शव नदी से बरामद हुए। शवों को  पोस्टमार्टम के लिए लखीमपुर भेजा गया है।
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बहराइच-लखीमपुर की सीमा पर लखीमपुर जिले के ईसानगर थाना अंतर्गत नरगड़ा गांव में परंपरा के तहत नवरात्र महोत्सव के मौके पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई थी। नवमी तक पूजा-अर्चना चली।
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दशमी के मौके पर गुरुवार देर शाम गांव निवासी शिवकेश (22) पुत्र मदनलाल, महेश यादव (25) पुत्र जगदीश, छोटू (21) पुत्र लल्लन, सहयोगी मंगू, दिनेश और मुनवा के साथ कंधे पर प्रतिमा को लादकर बहराइच के मोतीपुर थाना अंतर्गत जालिमनगर घाघरा नदी के तट पर पहुंचे। उस समय अंधेरा हो रहा था।

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वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रतिमा विसर्जित कर सभी उसे गहरे पानी में पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। उसी जगह पर अर्द्धनिर्मित पिलर था। जिसमें फंसकर छोटू गहरे पानी में चला गया। उसे बचाने के चक्कर में शिवकेश और महेश आगे बढ़े तो पैर फिसलने से वह भी गहराई में पहुंच गए। तीनों युवकों ने बचाव के लिए चीख पुकार मचाई।
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अन्य सहयोगियों ने काफी कोशिश की, लेकिन उन्हें नदी से नहीं निकाल सके। बहाव तेज होने के चलते तीनों युवक मुख्य धारा में बह गए। सूचना घर पहुंची तो कोहराम मच गया।
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परिवारीजन रात में ही रोते-बिलखते नदी के तट पर पहुंचे। लेकिन रात अधिक होने से डूबे लोगों की तलाश नहीं हो सकी। हालांकि देर रात तक परिवारीजन काफी दूर तक नदी के तट को खंगालते रहे।
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सुबह फिर ग्रामीण व पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे और गोताखोरों को बुलाया गया। घटनास्थल से 200 मीटर की दूरी पर दो घंटे के अंतराल में तीनों युवकों के शव नदी से बरामद हुए।
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धौरहरा के उपजिलाधिकारी रामप्रकाश व मोतीपुर के नायब तहसीलदार रुमित सिंह तथा जालिमनगर चौकी इंचार्ज उदयभान यादव और ईसानगर थानाध्यक्ष भी दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। लेकिन रात अधिक होने के चलते डूबे लोगों की तलाश नहीं हो सकी। हालांकि देर रात तक परिवारीजन काफी दूर तक नदी के तट को खंगालते रहे। 
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