रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में स्टॉफ और बुनियादी ढांचे की कमी को लेकर सांसद व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गंभीर रुख अपनाया है। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखा है। सांसद ने पत्र में लिखा है कि 610 बेड के एम्स के लिए 2900 पद स्वीकृत होने चाहिए, लेकिन अब तक 1626 पदों को ही मंजूरी दी गई है। एम्स में ओपीडी और प्रशासनिक ब्लॉक, छात्रों के लिए छात्रावास, गेस्ट हाउस और नर्सिंग, पैरामेडिकल और आयुष विभागों के लिए ब्लॉक सहित आवश्यक बुनियादी ढांचे की कमी है।
सांसद राहुल गांधी ने कुछ माह पूर्व एम्स का निरीक्षण किया था। उन्हें एम्स के विस्तार में कुछ खामियां मिली थीं। एम्स को और बेहतर ढंग से संचालित कराने के लिए अब उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्यमंत्री को पत्र लिखा है। पत्र में सांसद राहुल गांधी ने लिखा कि यह पत्र आपको अच्छा लगेगा। मैं आपका ध्यान मेरे संसदीय क्षेत्र रायबरेली में 610 बिस्तरों वाले एम्स अस्पताल और राष्ट्रीय महत्व के संस्थान में लंबे समय से लंबित दो मुद्दों की ओर आकर्षित करने के लिए लिख रहा हूं। ये मामले रोगी की देखभाल, शिक्षा और अनुसंधान को प्रभावित कर रहे हैं और आपके तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है।
राहुल ने लिखा कि एम्स में जनशक्ति की भारी कमी है। निर्धारित मानदंडों के अनुसार, संस्थान में करीब 2900 स्वीकृत पद होने चाहिए, लेकिन मात्र 1626 को मंजूरी दी गई है। यह अपर्याप्त है। संस्थान के दौरे के दौरान मुझे बताया गया कि अतिरिक्त पदों के लिए एक प्रस्ताव फरवरी 2024 में मंत्रालय को प्रस्तुत किया गया था और अब भी अनुमोदन की प्रतीक्षा है। दूसरा मुद्दा ओपीडी और प्रशासनिक ब्लॉक, छात्रों के लिए छात्रावास, गेस्ट हाउस और नर्सिंग, पैरामेडिकल और आयुष विभागों के लिए ब्लॉक सहित आवश्यक बुनियादी ढांचे की कमी है।
हालांकि सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे दी गई है और डीपीआर प्रस्तुत किए गए हैं, लेकिन संस्थान की ओर से सभी आवश्यक विवरण प्रदान करने के बावजूद इन परियोजनाओं में देरी हुई है। सांसद ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से अनुरोध किया कि इन मुद्दों का समाधान करें। जिससे एम्स रायबरेली गुणवत्तापूर्ण रोगी देखभाल प्रदान कर सके और अत्याधुनिक अनुसंधान और शिक्षा को समर्थन दे सके।