लखनऊ। जनवरी 2026 से अभी तक 28 लोग जानलेवा चाइनीज मांझे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। इसके अलावा एक मेडिकल रिप्रजेंटेटिव की मौत भी हुई, लेकिन इन हादसों पुलिस अभी तक नहीं चेती। हाईकोर्ट ने भी चाइनीज मांझे की बिक्री करने वालों पर पुलिस को कार्रवाई करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस ने थोड़े दिन अभियान चलाया और फिर उसे बस्ते में डाल दिया।
तीन फरवरी को दुबग्गा के सीते विहार कॉलोनी निवासी मेडिकल रिप्रजेंटेटिव मोहम्मद शोएब की हैदरगंज चौराहे से तालकटोरा की ओर जाने वाले फ्लाईओवर पर चाइनीज मांझे से गर्दन कट गई थी। वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी मौत हो गई थी। इस घटना पर पुलिस जागी और सिर्फ दो चार दिन पुराने लखनऊ में अभियान चलाया। इसके बाद धीरे-धीरे मामले के साथ ही पुलिस का अभियान भी ठंडा हो गया।
29 मार्च को नगर निगम के राजस्व निरीक्षक राजा अपने सहयोगी के साथ बाइक से लालबाग स्थित मुख्यालय से फाइल लेकर लौट रहे थे। तभी हुसैनगंज में एनेक्सी भवन के पीछे से गुजरते समय अचानक खतरनाक मांझे से उनका कान कट गया था। हादसे में उनकी आंख कटते-कटते बच गई थी। इसी तरह 27 और लोग मांझे से कट कर घायल हो गए।
पुलिस से बचने के लिए गलियों में सजती हैं पतंग की दुकानें
पतंग दुकानदार भी इतने शातिर हो गए हैं कि वे पुलिस से बचने के लिए गलियों में दुकानें लगाते हैं ताकि वह आसानी से चाइनीज मांझा बेच सकें। चाइनीज मांझा ऑनलाइन भी आसानी से मिल जाता है। ऐसे में लोग जब इन दुकानदारों तक नहीं पहुंच पाते तो वे इसे ऑनलाइन ऑर्डर कर लेते हैं।