समीक्षा में बताया गया कि लखनऊ में 75, रायबरेली में 45, सीतापुर में 28, लखीमपुर खीरी में 25, उन्नाव में 33 और हरदोई में 67 ब्लैक स्पॉट मिले हैं। 273 ब्लैक स्पॉट में 149 लोक निर्माण विभाग, 122 एनएचएआई, एक एनएच पीडब्ल्यूडी और एक यूपीडा से संबंधित है। मंडलायुक्त ने सभी स्थानों पर साइनेज, स्पीड ब्रेकर, रोड मार्किंग, प्रकाश व्यवस्था व आवश्यकतानुसार बैरियर लगाने के निर्देश दिए।
उन्होंने काम पूरा होने के बाद परीक्षण करने के लिए भी कहा। बैठक में टोल प्लाजा पर ओवरलोड माल वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा। मंडलायुक्त ने एनएचएआई के प्रोजेक्ट निदेशक को टोल प्लाजा पर पकड़े गए ओवरलोड वाहनों की विस्तृत सूची परिवहन विभाग को नियमित तौर पर देने के लिए कहा। उन्होंने वाहनों की सूची सभी जिलों के संभागीय परिवहन अधिकारियों को देने के निर्देश दिए। बैठक में डीसीपी ट्रैफिक कमलेश दीक्षित से यातायात नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई के लिए कहा गया।
घायलों की मदद करने वाले होंगे सम्मानित
मंडलायुक्त ने सड़क हादसों में घायल लोगों की मदद करने वालों को सम्मानित करने के लिए कहा। गुड सेमेरिटन योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि इससे संबंधित 15 में से 10 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए हैं। इस पर मंडलायुक्त ने इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना के पीड़ितों की मदद करने वाले लोगों को 26 जनवरी को सम्मानित करने के निर्देश दिए। उन्होंने योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के लिए भी कहा। बैठक में चालक और परिचालकों के लिए स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण शिविर लगाने के निर्देश भी दिए गए।
रोड इंजीनियरिंग का उठा मुद्दा
पुलिस उपायुक्त (यातायात) ने बताया कि लखनऊ विकास प्राधिकरण की ओर से ग्रीन कॉरिडोर के निर्माण के कारण कई जगह यातायात की समस्या उत्पन्न हो रही है। इनकी रोड इंजीनियरिंग ठीक नहीं है, जिससे कई चौराहों पर जाम और सड़क हादसों की आशंका बनी हुई है। उन्होंने इसका परीक्षण कर बदलाव करने की मांग की। इस पर मंडलायुक्त ने लखनऊ विकास प्राधिकरण को रोड इंजीनियरिंग ठीक करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जनवरी में सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया जाएगा।
बैठक करते मंडलायुक्त।
बैठक करते मंडलायुक्त।
बैठक करते मंडलायुक्त।