सोमवार को केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय के अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित विभागीय प्रोन्नति समिति की बैठक में वर्ष 1993 और 1994 बैच के पीपीएस अधिकारियों को आईपीएस कॉडर में प्रोन्नत करने पर विचार-विमर्श किया।
{{#eligible}}
सभी खबरें बिना रुकावट पढ़ने के लिए
अमर उजाला एप डाउनलोड करें
प्रांतीय पुलिस सेवा (पीपीएस) के 26 अधिकारियों को आईपीएस कॉडर में प्रोन्नत करने पर सहमति बन गई है। सोमवार को केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय के अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित विभागीय प्रोन्नति समिति की बैठक में वर्ष 1993 और 1994 बैच के पीपीएस अधिकारियों को आईपीएस कॉडर में प्रोन्नत करने पर विचार-विमर्श किया। इसमें 13 अधिकारियों का नाम आईपीएस बनने की आयुसीमा पूरी होने की बाध्यता की वजह से विचार नहीं किया गया। वहीं एक पीपीएस अधिकारी संजय कुमार का लिफाफा विभागीय जांच प्रचलित होने की वजह से बंद रखा गया।
विज्ञापन
जिन अधिकारियों को पीपीएस से आईपीएस कॉडर में प्रोन्नत करने पर सहमति प्रदान की गई है, उनमें वर्ष 1993 बैच के 16 अपर पुलिस अधीक्षक विपुल कुमार श्रीवास्तव, पंकज, विद्यासागर मिश्रा, घनश्याम, आनंद कुमार, राजेश कुमार, बसंत लाल, रविशंकर निम, महेंद्र पाल सिंह, निधि सोनकर, राम सुरेश, मोहम्मद तारिक, हरगोविंद मिश्रा, संजय यादव, प्रदीप कुमार और सुशील कुमार शामिल हैं। इसके अलावा 1994 बैच के 10 अपर पुलिस अधीक्षक आशुतोष मिश्रा, डॉ. राजीव दीक्षित, कुंवर ज्ञानंजय सिंह, आशुतोष द्विवेदी, अरुण कुमार सिंह, दुर्गेश कुमार, विनोद कुमार पांडे, नीरज कुमार पांडेय, राम नयन सिंह और सुरेंद्र नाथ तिवारी को प्रोन्नत करने की सहमति प्रदान की गई है।