लखनऊ में बृहस्पतिवार को 5183 नए मामलों के साथ लगातार तीसरे दिन कोरोना मरीजों का ग्राफ पांच हजार के ऊपर रहा। इसके अलावा केजीएमयू के जूनियर डॉक्टर व लविवि के दर्शनशास्त्र विभाग के प्रोफेसर केसी पांडेय समेत 26 की मौत हो गई। इसके साथ ही अप्रैल में अब तक 201 मरीजों की जान जा चुकी है। वहीं, सरकार के निर्देश के बाद केजीएमयू प्रशासन ने 19 अप्रैल से दो विभागों को छोड़कर बाकी सभी ओपीडी और आकस्मिक सेवाएं बंद करने की घोषणा की है। अब सिर्फ कार्डियोलॉजी एवं गायनीकोलॉजी की आकस्मिक सेवा ही जारी रहेगी।
केजीएमयू के न्यूरो सर्जरी विभाग के नॉन पीजी जेआर डॉ. जुबैर अली हफ्ते भर पहले पॉजिटिव हुए थे। उन्हें चार दिन पहले कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी मौत से जूनियर डॉक्टरों में आक्रोश है। आरोप है कि केजीएमयू प्रशासन उनकी मौत का करण बन गया। क्योंकि वह बिना किसी संसाधन के जोखिम वाले क्षेत्रों में निरंतर ड्यूटी कर रहे थे।
उधर, संक्रमण से प्रवीण निगम काकाजी का निधन हो गया। वे लंबे अरसे से ठाकुरगंज व्यापार मंडल के अध्यक्ष थे। कारोबारियों ने दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। दूसरी ओर, संक्रमण से ओमनगर वार्ड के पार्षद राजेंद्र सिंह गप्पू की टीएस मिश्रा मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। वे कांग्रेस पार्टी से लगातार चार बार से पार्षद थे।
वहीं, मेयर संयुक्ता भाटिया की बहू रेशू भाटिया, ओएसडी, दो ड्राइवर और पीएसओ सहित कैंप ऑफिस का स्टाफ संक्रमित हो गया। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी मेयर ने खुद को आइसोलेट कर लिया है। वहीं, कैंप कार्यालय भी बंद कर दिया गया है। उनके बेटे प्रशांत भाटिया ने बताया कि ऐतिहात के तौर पर खुद को आइसोलेट किया है। उधर, एलडीए में सात कर्मचारी पॉजिटिव मिले।