अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) नए वर्ष में करीब 25,000 पदों पर नई नौकरियों के अवसर देगा। इसमें लगभग 15 हजार नई भर्तियां होंगी जबकि करीब 10,000 रिक्त पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया पूरी कर अंतिम रिजल्ट देने की तैयारी है। सबसे पहले आशुलिपिक के रिक्त पदों पर भर्ती का मौका मिल सकता है।
राजस्व परिषद ने लेखपालों के वर्ष 2017-18, 2018-19 व 2019-20 के लिए सीधी भर्ती के रिक्त पदों का भर्ती प्रस्ताव जिलाधिकारियों से मांगा है। मंडलायुक्तों को जिलों से प्राप्त प्रस्तावों का अपने स्तर पर त्रुटिरहित परीक्षण कर देर से दर आठ जनवरी 2020 तक उपलब्ध कराने को कहा है। बताया जा रहा है कि लेखपालों के करीब 8,000 से अधिक पद खाली हैं। इसी तरह चकबंदी लेखपाल के करीब 3,000 पद खाली चल रहे हैं।
जिलों से रिक्तियों का प्रस्ताव आते ही इन्हें भर्ती के लिए अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को भेजने की तैयारी है। इस तरह राजस्व व चकबंदी लेखपाल के करीब 11 हजार रिक्त पदों पर भर्ती नए साल में हो सकती है। इसके अलावा आशुलिपिक, कनिष्ठ लिपिक , लोअर सबार्डिनेट व इंजीनियर संवर्ग को मिलाकर करीब 4,000 पद रिक्त बताए जा रहे हैं। नए वर्ष में इनकी भर्ती का प्रस्ताव है। ये सभी भर्तियां अधीनस्थ सेवा चयन आयोग करेगा।
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग सितंबर-2018 से दिसंबर-2019 के बीच 12,077 रिक्त पदों के लिए 13 भर्ती परीक्षाएं करा चुका है। इनमें से 3,788 के चयन परिणाम जारी किए जा चुके हैं। बाकी करीब 8,300 के चयन परिणाम विभिन्न स्तर पर प्रक्रिया में हैं। इन 8,300 रिक्त पदों के अंतिम नतीजे के साथ चयनित अभ्यर्थियों की सूची नए साल में जारी होगी।
इसी तरह पिछली सरकार की कई भर्ती परीक्षाएं प्रक्रियाधीन हैं। आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि करीब 10 हजार पदों पर भर्ती परीक्षाएं विभिन्न स्तर पर प्रक्रियाधीन हैं। इन पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नए साल में नौकरी मिल जाएगी। आयोग प्रक्रियाधीन व नई रिक्तियों को मिलाकर नए वर्ष में 25 हजार युवाओं के नौकरियों के सपने पूरा कर सकता है। नई भर्तियों में इंटरव्यू न होने की वजह से ज्यादा तेज गति से काम आगे बढ़ेगा।