फर्जी आईडी से चालू किए गए सिम सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। आशंका है कि पूर्वी परिमंडल में ऐसे करीब ढाई लाख सिम का इस्तेमाल हो रहा है। इनमें से लखनऊ में 20 से 25 हजार सिम चालू होने की आशंका है।
दूरसंचार विभाग के निर्देश पर अब टेलीकॉम इंफोर्समेंट रिसोर्स एंड मॉनिटरिंग सेल (टर्म) की पूर्वी परिमंडल इकाई ने शक के घेरे में आए सिमों की जांच शुरू कर दी है। बीएसएनएल से जुड़े महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी ने बताया कि अकेले पूर्वी सर्किल में बीएसएनएल सहित निजी मोबाइल ऑपरेटरों के ढाई लाख से अधिक सिम कार्ड फर्जी नाम-पते पर एक्टीवेट कर इस्तेमाल में लाने का अंदेशा है।
वहीं, टर्म की विजिलेंस इकाई से जुड़े सूत्र बताते हैं कि लखनऊ में भी ऐसे 20 से 25 हजार सिम हैं। इनमें से 75 फीसदी सिम कार्ड निजी मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों के और 25 फीसदी बीएसएनएल से जुड़े होने का अनुमान है।