केजीएमयू के रेजिडेंट डॉक्टर के खाने में कीड़े मिलने का मामला सही पाया गया है। इस पर केजीएमयू प्रशासन ने कैंटीन संचालक पर 25 हजार का जुर्माना लगाया है। चेतावनी दी है कि दोबारा शिकायत मिली तो टेंडर निरस्त कर दिया जाएगा। खाने की गुणवत्ता जांचने के लिए एक कमेटी भी बना दी गई है।
केजीएमयू के रेजिडेंट डॉक्टरों ने शिकायत की थी कि क्वारंटीन के दौरान उन्हें कैंटीन से खाना दिया गया। खाने की गुणवत्ता बेहद खराब थी और उसमें कीड़ा भी था। इसे लेकर केजीएमयू कुलपति डॉ. आरके धीमन की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें सीएमएस डॉ. एसएन शंखवार, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीके ओझा और यूनिवर्सिटी इन्वॉयरमेंट डिपार्टमेंट की अध्यक्ष व किचन प्रभारी डॉ. कीर्ति श्रीवास्तव और कुलसचिव शामिल हुए।
बैठक में शिकायत के आधार पर कैंटीन संचालक पर 25 हजार का जुर्माना लगाया गया। खानपान की निगरानी के लिए अलग से कमेटी बनाई गई है। इसमें रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन, नर्सिंग एसोसिएशन व कर्मचारी परिषद के प्रतिनिधि शामिल होंगे। वहीं, केजीएमयू कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष प्रदीप गंगवार और महामंत्री राजन यादव ने कुलसचिव को पत्र लिखकर बताया है कि क्वारंटीन होने वाले कर्मचारियों के खाने में भी लापरवाही हो रही है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों का खाना रैन बसेरे की कैंटीन से आ रहा है। यहां की नियमित जांच की जाए।