लखनऊ के ग्रामीण इलाकों में अवैध तरीके से चल रही क्लीनिक और अस्पतालों को स्वास्थ्य विभाग ने बंद कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। शुक्रवार को कई इलाकों में 23 क्लीनिक बंद कराए गए। इसमें दो के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया। वहीं कई नेता अवैध क्लीनिक पर कार्रवाई न करने का दबाव बना रहे हैं।
शासन ने बीते हफ्ते सीएमओ को पत्र भेजकर फर्जी अस्पताल व क्लीनिक के संचालन पर रोक लगाने के साथ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। सीएमओ डॉ. नरेंद्र ने फर्जी अस्पतालों पर कार्रवाई के लिए जांच कमेटी बनाई थी। टीम अलग-अलग इलाकों में जाकर कार्रवाई कर रही है।
शुक्रवार तक 23 क्लीनिक व झोलाछाप को नोटिस भेजा गया। इसमें इंदिरा नगर स्थित एआर हॉस्पिटल में अप्रशिक्षित स्टाफ काम कर रहे थे। सीएमओ की टीम ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसी तरह माल के गहदो में शिवम सेंट्रल क्लीनिक में डॉ. रघुवीर पर एफआईआर दर्ज कराई गई है।
सीएमओ का कहना है कि अवैध क्लीनिक व अस्पतालों के खिलाफ अभी अभियान चलता रहेगा।
इन अस्पतालों पर हुई कार्रवाई
माल : क्लीनिक डॉ. अजय कुमार मौर्या, नबीपनाह- क्लीनिक डॉ. अजय कुमार, डॉ. एके मौर्या क्लीनिक, आम्रपाली हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर, सैदापुर चौराहा।
मलिहाबाद : डॉ. मैकूलाल, क्लीनिक, डॉ. माया वर्मा, क्लीनिक, डॉ. बंगाली, क्लीनिक, डॉ. कमलेश, क्लीनिक, बच्चा राय, जय हिंद क्लीनिक, राम विलास, मधुर मेडिकल स्टोर। कांजीखेड़ा बिना नाम की क्लीनिक का संचालन बंद कराया, कांजीखेड़ा- डॉ. अरुण कुमार, क्लीनिक।
मोहनलालगंज: डॉ. समरजीत पाल, सुश्रत पॉलीक्लीनिक, एमआई पॉलीक्लीनिक
खदरा : डॉ. परवेज आलम, क्लीनिक, डॉ. जीडी अंसारी, क्लीनिक राज क्लीनिक, ताला बंद मिला
इंटौजा : राजाबाग- डॉ. निहारिका श्रीवास्तव प्रतिभा, डायग्नोस्टिक सेंटर
चिनहट: डॉ. तिवारी क्लीनिक, ताला बंद मिला।