भेलसर। शासन के निर्देश पर अपात्र राशन कार्ड धारकों की चल रही जांच में रुदौली क्षेत्र से चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। विभागीय जांच में कुल 2,273 ऐसे कार्डधारक पाए गए हैं जो पात्रता की शर्तों को पूरा नहीं करते, फिर भी सरकारी राशन का लाभ ले रहे हैं। आरटीओ (सड़क परिवहन कार्यालय) के रिकॉर्ड के अनुसार ऐसे 627 राशन कार्ड धारकों के पास चार पहिया वाहन पंजीकृत हैं।
इसके अलावा पीएम किसान सम्मान निधि पोर्टल से जुड़ी खतौनियों की जांच में 237 लोग ऐसे पाए गए हैं जिनके पास पांच एकड़ से अधिक सिंचित भूमि है। वह भी अंत्योदय या पात्र गृहस्थी योजना के तहत राशन ले रहे हैं। बैंक और सीबीडीटी (आयकर विभाग) की साझा रिपोर्ट में 1,407 राशन कार्ड धारक ऐसे हैं, जिनकी वार्षिक आय दो लाख रुपये से अधिक है। इसके अलावा दो ऐसे कार्डधारक भी पाए गए हैं जिनका वार्षिक व्यावसायिक टर्नओवर 25 लाख रुपये से अधिक है, जिसकी जानकारी उनके जीएसटी नंबर से प्राप्त हुई है। इस मामले में जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं। पूर्ति निरीक्षक शशांक सिंह चौहान ने बताया कि जिन लोगों ने गलत दस्तावेजों के आधार पर राशन लिया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। अपात्र लोगों को राशन लेने से रोकने के लिए अब डिजिटल माध्यमों से सत्यापन तेज किया जा रहा है। (संवाद)
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी बच्चे सिंह डोलिया ने बताया कि शासन से प्राप्त सूची के अनुसार जांच शुरू कर दी गई है। संबंधित कार्ड धारकों से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। यदि वह अपात्र पाए जाते हैं तो उनका राशन कार्ड निरस्त कर दिया जाएगा और उनसे वसूली की कार्रवाई भी की जा सकती है।