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राजधानी में कोरोना के कुल सक्रिय 306 मामलों में से 225 मरीज अस्पतालों में भर्ती

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कोरोना के मामलों में आई गिरावट। - फोटो : ??? ?????
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राजधानी में सोमवार को कोरोना के कुल सक्रिय 306 मामलों में से 225 मरीज अस्पतालों में भर्ती थे। इन भर्ती मरीजों में से करीब 25 फीसदी की हालत गंभीर बताई जा रही है।
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इन आंकड़ों से साफ जाहिर है कि संक्रमण की रफ्तार धीमी जरूर पड़ी है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। वहीं, सोमवार को संक्रमितों के लिए कुल उपलब्ध 6150 बेडों में से 5925 बेड खाली थे। पूरे कोरोना संकट में यह पहला मौका है जब इतनी संख्या में बेड खाली हैं।
अप्रैल और मई में संक्रमण के चरम के दौरान कुल सक्रिय मरीजों के मुकाबले 10 फीसदी को ही अस्पतालों में भर्ती किया गया था।
उस समय होम आइसोलेशन के मरीजों की संख्या कम होने की एक बड़ी वजह बेड की कम उपलब्धता भी थी। बेड उपलब्ध होने पर 30 फीसदी मरीज अस्पताल में भर्ती थे।
वहीं, अब जबकि संक्रमण के केस काफी कम हो गए हैं और अस्पताल में पर्याप्त रूप से बेड भी उपलब्ध हो रहे हैं। फिर भी 73.52 फीसदी मरीजों का अस्पताल में भर्ती होना वायरस के अभी भी खतरनाक होने की बात कह रहा है।
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56 अस्पताल पूरी तरह खाली
कोरोना मरीजों के इलाज के लिए निजी क्षेत्र के अस्पतालों को भी अधिकृत किया गया है। मामले कम होने से कई अस्पतालों का कोविड का दर्जा समाप्त भी किया गया है। इस वक्त कोविड कमांड सेंटर के पोर्टल पर 75 अस्पताल पंजीकृत हैं। इनमें से 56 अस्पताल ऐसे हैं जिनके सभी बेड खाली हैं।
16 अप्रैल की स्तिथि-
नए केस सक्रिय केस होम आइसोलेशन भर्ती भर्ती प्रतिशत
6598 40753 36000 4000 10
22 मई की स्थिति
नए केस सक्रिय केस होम आइसोलेशन भर्ती भर्ती प्रतिशत
291 6032 6032 1801 30
21 जून की स्थिति
नए केस सक्रिय केस होम आइसोलेशन भर्ती भर्ती प्रतिशत-
25 306 81 225 73.52
रोज भर्ती हो रहे 10 से 15 मरीज
सीएमओ डॉ. संजय भटनागर के अनुसार, संक्रमण के मामले कम होने की वजह से अब भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या भी कम हो रही है। इस वक्त 10 से 15 तक मरीज औसतन रोज अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। इनमें से 20 से 25 फीसदी मरीज गंभीर हालत में अस्पताल आते हैं। इस वक्त अस्पतालों में कुछ नए तो कुछ पुराने मरीज भर्ती हैं। उनके अनुसार इस समय अस्पताल में बेड खाली हैं। ऐसे में संक्रमितों को भर्ती कराने में किसी प्रकार की समस्या भी नहीं है।
अस्पतालों में भर्ती हैं गंभीर मरीज
कोरोना संक्रमण के मामले कम हुए हैं, पर अभी भी अस्पताल में मरीज भर्ती हैं। इसका साफ मतलब है कि अभी खतरा टला नहीं है। अस्पताल में भर्ती मरीजों में से कई की हालत गंभीर है। इसलिए हमें अभी भी सतर्क रहना चाहिए।
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- डॉ. सुधीर सिंह, प्रवक्ता केजीएमयू
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