राजधानी लखनऊ में बुधवार को ब्लैक फंगस के 22 नए मामले मिले। इनमें से 16 मरीज केजीएमयू, चार लोहिया संस्थान और दो एरा मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। अब तक 77 मरीज भर्ती हो चुके हैं, जबकि आठ मरीज दम तोड़ चुके हैं। वहीं, भर्ती होने वाले मरीजों में अन्य जनपद के लोगों की संख्या ज्यादा है।
बता दें कि ब्लैक फंगस की दवा एम्फोटेरीसीन-बी मरीजों को प्रदेश सरकार उपलब्ध कराएगी। सरकारी अस्पतालों को महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य व मेडिकल कॉलेजों को महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा के माध्यम से यह दवा दी जाएगी। जबकि खुले बाजार में इसके न मिलने पर तीमारदारों को रेडक्रॉस के माध्यम से दवा उपलब्ध कराई जाएगी।
एसीएस चिकित्सा स्वास्थ्य ने बताया कि दवा की सीमित उपलब्धता के कारण इसे लखनऊ, वाराणसी, मेरठ व आगरा मंडल में ही उपलब्ध कराया गया है। निजी अस्पताल के मरीज मंडलायुक्त, अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य को आवेदन करके यह दवा ले सकते हैं।
मरीज की जरूरत का आकलन मंडलायुक्त, अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य, स्थानीय राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से नामित विशेषज्ञों की समिति करेगी। निजी अस्पताल के पर्चे पर तीन दिन की दवा की डोज एक बार में उपलब्ध कराई जाएगी। स्थानीय रेडक्रॉस यह दवा छह हजार रुपये प्रति लाइपोसोमल इंजेक्शन वायल व 1500 रुपये प्रति इमल्शन वायल की दर से उपलब्ध कराएगी।