रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की इमरजेंसी में 22 बेड बढ़ाकर मरीजों को भर्ती करने का काम शुरू हो गया है। अब बेडों की संख्या 44 हो गई है। साथ ही इमरजेंसी में सर्जरी की सुविधा भी शुरू हो गई है। चार मरीजों की सर्जरी की गई है। इसके अलावा हॉस्पिटल में सभी आठ ऑपरेशन थिएटरों में सर्जरी का काम शुरू किया गया है। इमरजेंसी में डॉक्टर और स्टाफ भी बढ़ा दिए गए हैं। इससे अब मरीजों को और बेहतर सुविधाएं मिलनी शुरू हो गई हैं।
एम्स के उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुयश सिंह ने बताया कि अधिशासी निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी के प्रयास से जुलाई 2023 से आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 22 बेड की इमरजेंसी शुरू की गई थी। गंभीर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बेडों की संख्या कम होने के कारण गंभीर मरीजों को भर्ती करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। समस्या को दूर करने के लिए 26 जनवरी से बेडों की संख्या को बढ़ाकर 44 कर दिया गया है। सभी बेड पूरी तरह से तैयार हैं और मरीजों को भर्ती करने का काम भी शुरू करा दिया गया है।
उन्होंने बताया कि असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अभयराज और डॉ. जैनब मेंहदी के साथ अन्य नर्सिंग स्टाफ को भी इमरजेंसी में तैनात किया गया है। इमरजेंसी के ऑपरेशन थिएटर में भी काम शुरू हो गया है। सर्जन डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने इमरजेंसी में चार मरीजों की सर्जरी की है। हॉस्पिटल के सभी आठ ऑपरेशन थिएटरों को भी शुरू करा दिया गया है। अब मरीजों को सर्जरी के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
24 घंटे मिल रही सर्जरी की सुविधा
26 जनवरी से इमरजेंसी में 44 बेडों पर भर्ती के साथ इमरजेंसी के ऑपरेशन थिएटर को शुरू करा दिया गया है। एम्स में अब 24 घंटे सर्जरी की सुविधा मरीजों को मिलने लगी है। हॉस्पिटल के अन्य सभी ऑपरेशन थिएटरों में भी सर्जरी शुरू हो गई है। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है।
-प्रो. अरविंद राजवंशी, अधिशासी निदेशक एम्स