रायबरेली। आयुष्मान भारत योजना के तहत कैशलेस इलाज के लिए गोल्डन कार्ड बनाने और मरीजों को मुफ्त इलाज की सुविधा देने में सीएचसी अधीक्षक लापरवाही कर रहे हैं। सीएमओ ने प्रगति की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई तो चार सीएचसी अधीक्षक शामिल ही नहीं हुए। संबंधितों का वेतन रोकते हुए नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। सीएमओ ने विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।
जिले में अब तक आठ लाख गरीबों के गोल्डन कार्ड नहीं बनाए जा सके हैं। इससे गरीबों को कैशलेस इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। अधीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में गोल्डन कार्ड शत प्रतिशत बनवाने के आदेश दिए गए हैं, लेकिन सीएचसी के अधीक्षक लापरवाही कर रहे हैं। बीती 24 जनवरी की शाम सीएमओ ने समीक्षा के लिए सभी अधीक्षकों को बुलाया, लेकिन बिना सूचना के चार अधीक्षक बैठक में शामिल होने के लिए नहीं पहुंचे।
सीएमओ ने सीएचसी डीह के अधीक्षक डॉ. तारिक इकबाल, महराजगंज के अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह, सरेनी के अधीक्षक डॉ. अमल कुमार, रोहनियां के अधीक्षक डॉ. मो. अनवर का 24 जनवरी को वेतन रोक दिया है। सभी को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि लापरवाही करने वाले अधीक्षकों को बख्शा नहीं जाएगा। जवाब आने के बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी।