प्रदेश में असंगठित श्रमिकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ ही उन्हें सरकारी योजनाओं के लाभ के दायरे में लाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया जाएगा। इसकी शुरुआत इसी महीने से की जाएगी। प्रदेश में करीब 4.5 करोड़ असंगठित श्रमिक हैं। इसलिए हर महीने करीब 45 लाख श्रमिकों का पंजीकरण कराने का लक्ष्य रखा गया है। श्रमिकों से 50 रुपये शुल्क लेकर 5 साल के लिए पंजीकरण कराया जाएगा।
उप्र असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड की मंगलवार को हुई तीसरी बैठक में यह निर्णय किया गया है। बैठक की अध्यक्षता कर रहे श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने बताया कि पंजीकरण के लिए असंगठित श्रमिकों की वार्षिक आय सीमा 80 हजार रुपये से बढ़ाकर 1.60 लाख रुपये कर दी गई है। साथ ही 2.5 एकड़ या इससे कम के कृषि भूमिहर या कृषक श्रमिक को भी असंगठित श्रेणी का श्रमिक ही माना जाएगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से पंजीकरण की गाइडलाइन मिलने के तत्काल बाद प्रदेश में पंजीकरण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। श्रम मंत्री ने बोर्ड के सदस्यों को प्रदेश भर में दौरा कर पंजीकरण कार्य को तेजी से कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पंजीकरण होने के बाद श्रमिकों को दीनदयाल सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के लाभ मिलने शुरू हों जाएंगे।
उन्होंने बताया कि दीनदयाल सुरक्षा बीमा योजना के तहत दुर्घटना में मौत होने पर श्रमिक के आश्रित को 2 लाख व दिव्यांग होने की दशा में 1 लाख रुपये मदद मिलेगी। इसी तरह अटल पेंशन योजना के तहत इस श्रेणी के श्रमिकों को एक हजार रुपये वृद्धावस्था पेंशन के तौर पर मिलेगी। बैठक में प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन सुरेश चंद्रा समेत अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।