बहराइच। कार में चार साल के मासूम बेटे को लॉक कर एक दंपती खरीदारी करने चला गया। चिलचिलाती धूप में कार खड़ी रही। दो घंटे बाद जब दंपती वापस लौटे तो बेटे को पसीने से तरबतर बेसुध हालत में पड़ा पाया।
वे बेटे को जिला अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टर ने दम घुटने से मौत की पुष्टि की। ये दिल दहलाने वाली घटना रामगांव बाजार में हुई।
मंगलवार को कार सवार एक दंपती अपने चार साल के मासूम बच्चे के साथ रामगांव बाजार में सामान की खरीदारी करने के लिए रुका।
धूप तेज होने के कारण बच्चे को कार में बैठा दिया। इसके बाद कार लॉक कर चले गए। तेज धूप में कार खड़ी होने के कारण, उसमें बंद मासूम ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।
लगभग दो घंटे बाद जब दंपती वापस लौटे तो बच्चे को बेहोशी की हालत में अंदर पड़ा पाया। उसे देखते ही माता-पिता के होश उड़ गए।
सभी रोते-बिलखते उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में चिकित्सक डॉ. रामेंद्र त्रिपाठी ने बच्चे की मौत की पुष्टि की। उसके बाद दंपती बच्चे की अस्पताल में बिना इंट्री और पोस्टमार्टम कराए ही शव लेकर निकल गए।
एक चार साल के बच्चे को मृत अवस्था में दंपती लेकर आए थे। उनका कहना था कि बेटा कार के अंदर बंद हो गया था। करीब दो घंटे तक बंद रहने की जानकारी दी। ऐसे में दम घुटने से उसकी मौत हो गई।
-डॉ. रामेंद्र त्रिपाठी, जिला अस्पताल
एसओ बोले- पुलिस को नहीं दी गई सूचना
रामगांव थानाध्यक्ष ब्रह्मानंद सिंह ने बताया कि रामगांव बाजार में बच्चे की मौत की सूचना नहीं है। बच्चे की मौत के बारे में परिवारीजन थाने नहीं आए। चिकित्सक रामेंद्र त्रिपाठी का कहना है कि बच्चे की मौत के बाद परिवारीजन चले गए। अस्पताल में नाम तक दर्ज नहीं कराया।