सुल्तानपुर। शहर में वीर अब्दुल हमीद चिकित्सालय के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। नगर पालिका की ओर से इस अस्पताल का मरम्मत कार्य तकरीबन पूरा कराया जा चुका है। अस्पताल के संचालन के लिए चिकित्सक व स्वयं सेवी संगठन निशुल्क सेवा देने के लिए आगे आए हैं। इस अस्पताल के शुरू होने से नगर पालिका क्षेत्र की करीब डेढ़ लाख की आबादी को इलाज में सहूलियत मिलेगी।
शहर में नगर पालिका परिषद के निकट स्थित वीर अब्दुल हमीद अस्पताल का निर्माण 1970 में किया गया था। यह अस्पताल समुचित देखरेख के अभाव में चार वर्ष पहले बंद हो गया था। इस अवधि में अस्पताल परिसर की फर्श, छत, खिड़की-दरवाजे आदि क्षतिग्रस्त हो गए। इसके साथ ही अस्पताल के दोबारा संचालन की उम्मीदें धूमिल हो गईं।
इस अस्पताल के संचालन को लेकर कई राजनीतिक व गैर राजनीतिक संगठनों की ओर से संघर्ष किया गया। संघर्ष व आंदोलनों का नतीजा रहा कि अस्पताल के फिर से संचालन की कवायद शुरू की गई। गत वर्ष नगर पालिका परिषद की ओर से अस्पताल का आधारभूत ढांचा तैयार किया गया।
नगर पालिका परिषद की ओर से अस्पताल की मरम्मत का कार्य तकरीबन पूरा करवा दिया गया है। परिसर की रंगाई- पुताई का कार्य भी हो चुका है। सिर्फ दरवाजे, खिड़कियों व फर्नीचर का काम शेष है। इसके बाद मरीजों के बैठने के लिए बेंच व कुर्सियों की व्यवस्था की जाएगी। एक माह में फर्नीचर का कार्य पूरा होने की बात कही गई है।
अस्पताल में डॉक्टर्स का चैंबर अलग रहेेगा, जहां वे मरीजों का परीक्षण करेंगे। अस्पताल का संचालन शुरू होने से शहर की करीब डेढ़ लाख की आबादी को उपचार के लिए जिला अस्पताल के अलावा एक और विकल्प मिल सकेगा।
नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि अजय जायसवाल ने बताया कि अस्पताल की मरम्मत का कुछ काम शेष है। उसे भी एक माह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। डॉक्टर व अन्य स्टाफ के बैठने की व्यवस्था होते ही इलाज शुरू हो जाएगा।