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ढाई लाख पशुपालकों को मिलेगा केसीसी का लाभ

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बहराइच। वित्त मंत्री अरुण जेटली की ओर से पेश किए गए बजट में पशुपालकों और मछली पालकों को केसीसी दिए जाने की घोषणा से इन कामों से जुड़े लोगों में काफी उम्मीद जगी है। अगर योजना धरातल पर लागू हुई तो जिले के 2.60 लाख मछली और पशुपालक इसका सीधा लाभ हासिल कर सकेंगे। अधिकारी भी योजना शुरू होने पर इसमें क्रांतिकारी परिवर्तन की संभावना जता रहे हैं।
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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को संसद में बजट पेश किया है। जिसमें वित्त मंत्री ने किसानों को सीधा लाभ देते हुए केसीसी योजना का दायरा दूसरे कार्यों में बढ़ाने की घोषणा की है। इसमें पशुपालन और मछली पालन से जुड़े लोगों को केसीसी में शामिल किए जाने का निर्णय लिया गया है। बहराइच जनपद में लगभग 9.15 लाख पशु हैं। जिनसे सीधे तौर पर 2.50 लाख पशुपालक जुड़े हुए हैं। इनमें कई भूमिहीन किसान भी शामिल हैं। अब इन सभी को केसीसी का लाभ मिल सकेगा। वहीं, जनपद में लगभग 4021 हेक्टेयर में मछली पालन का काम होता है। जिस कार्य में भी करीब दस हजार लोग जीविका चला रहे हैं। इन सभी को केसीसी जारी किए जाने के बाद बैंकों में ऋण लेने के लिए चक्कर काटने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा।

कोट
बढ़ेगा पशुपालन
तराई में पशुपालन का काम बड़े पैमाने पर हो रहा है। केसीसी से पशुपालन को जोड़े जाने पर बकरी पालन, भैंस पालन, सूकर पालन आदि में तेजी से इजाफा होगा। लोगों की आय भी बढ़ेगी।
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- डॉ. बलवंत सिंह, सीवीओ, बहराइच

वर्जन
मछली पालन व्यवसाय बढ़ेगा
जनपद में मछली पालन का कारोबार सीमित है। इसे बढ़ाने के लिए केसीसी काफी मददगार होगा। बैंकों से कर्ज मिलने पर हेचरी और नर्सरी की स्थापना भी तेज होगी।
- बृजेश कुमार, उपनिदेशक मत्स्य, बहराइच

मछली पालन एक नजर में
ग्राम समाज के तालाब- 3621 हेक्टेयर
निजी भूमि पर तालाब- 400 हेक्टेयर
सक्रिय मत्स्य समितियां- 48


मछली व पशुपालकों ने बताया सराहनीय कदम
पयागपुर के सुभाषनगर निवासी सुधीर रंजन हलदार लंबे अरसे से मछली पालन से जुड़े हुए हैं। उनका कहना है कि केसीसी से जुड़ने पर बैंक आसानी से व्यापार के लिए कर्ज दे सकेंगे। पयागपुर के ही नूरपुर सफलूपुरवा निवासी विकास शाही ने बताया कि मछली पालन को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार का सराहनीय कदम रहा है। लेकिन इसमें प्रति हेक्टेयर मिलने वाले कर्ज को निर्धारित किए जाने पर ध्यान देने की जरूरत होगी। वहीं महसी के माधवपुरवा निवासी रामेश्वर प्रसाद और लोधौनी के सत्य प्रकाश पांडेय पशुपालक हैं। उन्होंने भी पशुपालन को केसीसी से जोड़े जाने को एक बेहतर कदम बताया है।
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