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गड़बड़ी करने वाले 210 सचिवों को नोटिस

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बाराबंकी। पंचायती राज विभाग के सचिवों ने बिना वर्क आईडी जनरेट किए ही ग्राम पंचायतों में करोड़ों रुपये के विकास कार्य करा दिए। वर्क आईडी जनरेट न होने से प्रिया सॉफ्ट पर आज तक कराए गए निर्माण कार्यों के बिल वाउचर फीड नहीं किए गए हैं। जिसको लेकर प्रभारी डीपीआरओ ने 210 सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए एक हफ्ते में इसका जवाब मांगा है। नोटिस जारी होने के बाद सचिवों में हड़कंप मच गया है।
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पिछले वित्तीय वर्ष 2016-17 में पंचायती राज विभाग के सचिवों द्वारा अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों में 14वें व राज्य वित्त से करोड़ों रुपये की लागत से कई तरह निर्माण व विकास कार्य कराए थे। लेकिन निर्धारित गाइड लाइन के अनुसार सचिवों ने बगैर वर्क आइडी जनरेट किए ही एक के बाद विकास कार्य करा डाले। वर्क आईडी जनरेट न होने के चलते उन कार्यों के बिल वाउचरों की फीडिंग भी नहीं हो सकी है। सचिवों की इस कार्यशैली पर भ्रष्टाचार की आशंका को देखते हुए प्रभारी डीपीआरओ ने जिले के सभी 210 सचिवों को नोटिस जारी कर दिया है। एक हफ्ते के अंदर इसका जवाब मांगा है। नोटिस भेजे जाने के बाद सचिवों में हड़कंप मच गया है। प्रभारी डीपीआरओ आशुतोष कुशवाहा ने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष 2016-17 में बिना वर्क आईडी जनरेट किए ही कई निर्माण व विकास कार्य करा दिए गए हैं। जिसके कारण प्रिया सॉफ्ट पर बिल वाउचरों की फीडिंग नहीं कराई गई है। कई बार निर्देश दिए जाने के बाद भी सचिवों ने कार्रवाई पूरी नहीं की है। जिस पर सभी 210 सचिवों को नोटिस जारी किया गया है।

औसतन हर ब्लॉक में दो करोड़ से कराए गए बिना आईडी के कार्य
जिले में 15 विकास खंड हैं। इन सभी विकास खंडों में औसतन दो करोड़ से अधिक की लागत से बिना आईडी जनरेट किए ही निर्माण व विकास कार्य करा दिए गए हैं। उदाहरण स्वरूप बनीकोडर ब्लॉक में तीन करोड़ 67 लाख 38 हजार की लागत करीब 723 कार्य सचिव ने कार्य करा डाले हैं। और आज तक प्रिया साफ्ट पर बिल वाउचरों की फीडिंग नहीं कराई है। इसी प्रकार हर ब्लॉक में दो-दो करोड़ से अधिक की लागत से बिना वर्क आईडी के कार्य करा दिए गए हैं।
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