हाई कोर्ट ने कहा, जहां तोड़ा वहीं बनाओ स्कूल
लखनऊ। गोंडा जिले में एक स्कूल की इमारत को ध्वस्त करे जाने के मामले में हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक बार फिर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि जिस स्थान पर स्कूल था उसी जगह नई इमारत का निर्माण कराया जाए।
यहां स्कूल की इमारत के जर्जर बताते हुए उसे तोड़ कर दूसरे भूखंड पर निर्माण कराने की कवायद शुरू कर दी गई थी। यह विद्यालय सांसद बृजभूषण सिंह के आवास के सामने है।
अदालत ने इस मामले की सुनवाई 21 अगस्त के लिए तय करते हुए जिले के डीएम को निर्देश दिए हैं कि वे दो सप्ताह में प्रकरण में की गई जांच व कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट तैयार करते हुए अदालत में शपथ पत्र दाखिल करें।
विद्यालय भवन को गिराने व उसे दूसरे भूखंड पर बनाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति विक्रम नाथ व न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान की खंडपीठ ने इसे अनुचित मानते हुए पिछली सुनवाई पर भी विद्यालय भवन को उसके पूर्व स्थान पर बनाए जाने को कहा था।
अदालत ने माना था कि निहित कारणों की वजह से षडयंत्र के तहत विद्यालय के भवन को गिराकर उसे अन्यत्र बनाए जाने की साजिश की गई है।
अदालत को राज्य सरकार की ओर से शपथ पत्र दाखिल कर यह बताया गया था कि प्रकरण में कार्रवाई की जा रही है। इस पर अदालत कार्रवाई के लिए अतिरिक्त समय देने पर सहमत हो गई।
जिले के डीएम द्वारा अदालत को शपथ पत्र के जरिए बताया गया कि सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना अधिकारी को पत्र भेजकर विद्यालय भवन के निर्माण के लिए जरूरी धन मुहैया कराने का आग्रह किया है। इस पर अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 21 अगस्त के लिए निर्धारित करते हुए डीएम को दो सप्ताह में एफिडेविट दाखिल करने को कहा है।