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दो करोड़ से पहुंचाई जाएगी बाढ़ पीड़ितों को राहत

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बलरामपुर। जिले में इस बार दो करोड़ रुपये से बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाई जाएगी। बाढ़ की तबाही से निपटने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। हर साल राप्ती नदी व पहाड़ी नालों की बाढ़ से जिले की करीब पांच लाख आबादी प्रभावित होती है। जिले की 20 बाढ़ चौकियों को वाकी-टॉकी से लैस किया जा रहा है। जिले की तीनों तहसीलों में लाइफ जैकटों व मेगाफोन जैसे अत्याधुनिक संसाधनों को पहले से भेज दिया गया है। बाढ़ आने के बाद तेजी से फैलने वाली संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। जिले के 30 विभागों के अफसरों को संभावित बाढ़ व उससे उत्पन्न होने वाली समस्याओं के समाधान एवं राहत कार्य के लिए सतर्क किया गया है। जिले के बाढ़ पीड़ितों को तत्काल राहत दिलाने के लिए शासन से दो करोड़ रुपये की मांग की गई है।
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32 बाढ़ चौकियों से होगी निगरानी
जिले की तीनों तहसीलों में 316 गांव राप्ती नदी व पहाड़ी नालों के बाढ़ से हर साल प्रभावित होते हैं। इन गांवों के करीब पांच लाख लोगों को बाढ़ का कहर झेलना पड़ता है। सदर तहसील में 105, तुलसीपुर तहसील में 76 तथा उतरौला तहसील में 135 गांवों में राप्ती नदी व पहाड़ी नालों के बाढ़ का कहर टूटता है। तीनों तहसीलों में बाढ़ की निगरानी के लिए 32 चौकियां संचालित करा दी गई हैं। तीनों तहसीलों में बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित 20 चौकियों को वाकी-टॉकी से लैस कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार राय ने बताया कि बाढ़ग्रस्त थानों के प्रभारी निरीक्षकों को ग्राम प्रधान व ग्रामीणों के संपर्क में मोबाइल रहने का निर्देश दिया गया है जिससे समय पर बाढ़ पीड़ितों को मदद पहुंचाई जा सके।

तीनों तहसीलों में भेजे गए बचाव संबंधी उपकरण
जिले के तीनों तहसीलों में बाढ़ से बचाव संबंधी सभी उपकरण भेज दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने तीनों तहसीलों को 10-10 बड़ी व मझोली नावें उपलब्ध कराई जा रही हैं। ग्राम पंचायतें ग्राम निधि के प्रथम खाते से 20 फीट वाली नावों के इंतजाम में जुटा है। सदर, तुलसीपुर व उतरौला तहसीलों को बाढ़ उपकरण जैसे 40-40 सेट लाइफ जैकेट, 40-40 सेट मेगाफोन, 40-40 सेट नायलान रस्सी, 40-40 सेट लाइफब्वाय, 40-40 सेट सर्चलाइट तथा 40-40 सेट स्टैचर उपलब्ध करा दिए गए हैं। सीएमओ डप्त. घनश्याम सिंह व मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को मेडिकल किट, संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए टीकाकरण, पानी को शुद्घ करने के लिए क्लोरीन की गोलियों तथा पशुओं के चारे आदि का इंतजाम कराने का निर्देश दिया गया है। एआरटीओ फरीदउद्दीन को विभागीय सहयोग उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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बाढ़ कंट्रोल रूम का संचालन
कलेक्ट्रेट स्थित जिला आपदा कार्यालय में बाढ़ कंट्रोल रूम का संचालन शुरू हो गया है। जिला आपदा प्रबंधन प्रभारी व एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि 14 जून से बाढ़ कंट्रोल रूम का संचालन शुरू कर दिया गया है। बाढ़ से संबंधित दिक्कतों को दूर कराने के लिए जिला बाढ़ कंट्रोल रूम के टोल फ्री नंबर 1077, लैंडलाइन नंबर 05263-236250 पर संपर्क किया जा सकता है। जिला बाढ़ कंट्रोल रूम में वायरलेस सेट भी रखा गया है।

अफसरों को किया सतर्क
मानसून के दस्तक की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। जिले के बाढ़ पीड़ितों को तत्काल राहत दिलाने के लिए शासन से दो करोड़ रुपये की डिमांड की गई है। बाढ़ से निपटने के लिए जिला व तहसील स्तरीय अधिकारियों को सतर्क कर दिया गया है। ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों तथा थानों के प्रभारियों व कर्मचारियों को भी बाढ़ के समय ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा।
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- कृष्णा करुणेश, डीएम
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