यूपी में केजी से पीजी तक निशुल्क शिक्षा की तैयारी
- सभी विश्वविद्यालयों में एक समान शैक्षिक कैलेंडर लागू
- सितंबर-अक्तूबर में आयोजित होंगे दीक्षांत समारोह
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार केजी (किंडरगार्टन) से पीजी (स्नातकोत्तर) तक निशुल्क शिक्षा देने की तैयारी कर रही है। बृहस्पतिवार को उच्च शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने इसका मसौदा तैयार करने के लिए शिक्षाविदों की कमेटी गठित की है।
सरकार ने अब सभी राजकीय विश्वविद्यालयों का भी शैक्षिक कैलेंडर जारी किया है। सभी विश्वविद्यालयों में उसी के अनुरूप शैक्षिक सत्र 2018-19 संचालित किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि सरकार का मानना है कि बच्चा केजी से सरकारी स्कूल में दाखिला ले। सरकारी स्कूलों में उसे निजी स्कूलों के समान बेहतर माहौल और गुणवत्तापरक शिक्षा मिले ताकि वह सरकारी कॉलेज से पीजी तक की शिक्षा प्राप्त करके ही निकले। उन्होंने इसके लिए शिक्षाविदों की कमेटी गठित की है। कमेटी एक दो महीने में अपनी रिपोर्ट देगी। कमेटी की रिपोर्ट पर सरकार में विचार विमर्श के बाद संभवत: अगले वर्ष से इसे लागू किया जा सकता है।
सभी विश्वविद्यालयों में समान कैलेंडर
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में सभी राजकीय विश्वविद्यालयों में एक शैक्षिक कैलेंडर लागू किया जाएगा। विश्वविद्यालयों में 10 जुलाई से नियमित कक्षाएं शुरू होगी। विश्वविद्यालयों में 5 मार्च से 30 अप्रैल तक परीक्षाएं आयोजित कराकर 5 जून तक परिणाम जारी किया जाएगा। वहीं सेमेस्टर आधारित पाठ्यक्रम संचालित कराने वाले विश्वविद्यालयों में नवंबर के चौथे सप्ताह से ऑड सेमेस्टर और 10 मई तक इवेन सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू की जाएंगी। सभी विश्वविद्यालयों में 15 मई से ग्रीष्मावकाश शुरू होगा। सभी विश्वविद्यालयों में सितंबर - अक्तूबर में दीक्षांत समारोह आयोजित किए जाएंगे। विश्वविद्यालयों में पीएचडी के लिए कॉमन आर्डिनेंस तैयार करने के लिए लखनऊ, फैजाबाद, कानपुर, आगरा और एकेटीयू के कुलपति की कमेटी गठित की गई है।
छात्रों और शिक्षकों का डाटा बैंक तैयार होगा
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों और शिक्षकों का डाटा बैंक तैयार कर उसे आधार से लिंक किया जाएगा।
सेल्फ फाइनेंस डिग्री कॉलेजों पर भी लगेगी लगाम
स्कूलों में फीस नियंत्रण कानून की तर्ज पर अब सेल्फ फाइनेंस डिग्री कॉलेजों में भी फीस वसूली को नियंत्रित किया जाएगा।
छात्रसंघ चुनाव पर मांगी मौखिक रिपोर्ट
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव पर कुलपतियों से मौखिक रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही छात्रसंघ चुनाव पर निर्णय किया जाएगा।