खनन का विरोध करना ग्रामीणों को महंगा पड़ा
सीतापुर। रेउसा थाना क्षेत्र के ग्राम धनावां के पास चौका नदी में बड़े पैमाने पर हो रहे बालू के खनन का विरोध करना ग्रामीणों को महंगा पड़ गया। मामले में बालू खनन के मैनेजर की शिकायत पर पुलिस ने धनावा गांव के छह लोगों पर केस दर्ज किया है।
मालूम हो कि, थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत धनावा में उतर प्रदेश शासन ने ई-टेंडरिंग से मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के रहने वाले कैलाश सैनी के नाम ग्राम पंचायत धनावां में चौका नदी से पांच वर्ष के लिए बालू निकालने के लिए पट्टा हुआ है।
पट्टा आवंटन के बाद से यहां बराबर बालू खनन हो रहा था। बीते 17 मई को गांव के एक परिवार के यहां मेहमानी आए युवक की खनन से हुए गड्ढे में डूबकर कर मौत हो गई थी। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने घटनास्थल पर पहुंचकर अफसर-माननीयों से खनन बंद करने की मांग करने के साथ ही हंगामा किया था।
सुनवाई नहीं होने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने खनन स्थल पर बने कर्मचारियों के आवासों में तोड़फोड़ कर दी थी। इस प्रकरण में लखनऊ निवासी खनन मैनेजर अनुज शुक्ल की शिकायत पर रेउसा पुलिस ने धनावां गांव के छह पुरुष व महिलाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।