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आंधी-पानी से चरमराई व्यवस्था, 200 गांवों की बती गुल

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गोंडा। एक बाधा खत्म नहीं होती, तब तक दूसरी आ जाती है। आंधी व पानी के चलते पावर कॉर्पोरेशन का हाल भी इन दिनों कुछ ऐसा ही हो गया है। जिसके कारण एक लाइन चालू नहीं होती, तब तक दूसरी खराब हो जाती है। बुधवार की रात आई आंधी व पानी से जहां सिविल लाइन इलाके में बिजली गिरने से 100 केवीए का ट्रांसफार्मर फुंक गया तो वहीं जिले के दर्जन भर बिजलीघर ब्रेकडाउन में आ गए। हालांकि सभी 12 बिजलीघरों की आपूर्ति देर शाम तक बहाल तो हो गई। पर इन बिजलीघरों से निकलने वाली 11 केवी लाइनों के टूटे तार सही न होने से करीब 200 गांवों की बत्ती अभी भी गुल है।
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रविवार रात आई आंधी के जख्म अभी पूरी तरह से भरे भी नहीं थे कि बुधवार रात एक बार फिर से आई आंधी व पानी ने बिजली व्यवस्था को तार-तार कर दिया। इस आंधी-पानी में जहां करनैलगंज, धानेपुर, मनकापुर, भंभुवा, परसपुर, घारीघाट, मसकनवा, खरगूपुर, आर्यनगर, कटराबाजार, इटियाथोक व बेलसर की बिजली ब्रेकडाउन में चली गई तो वहीं सिविल लाइन इलाके में बिजली गिरने से 100 केवीए का ट्रांसफार्मर भी फुंक गया। हालांकि आंधी आने से पहले तेज हवाओं के चलते ही समूचे जिले की बिजली काट दी गई थी। लेकिन आंधी का रुख शांत होने पर जब एक-एक कर बिजलीघर चालू किए गए तो 12 बिजलीघरों की सप्लाई होल्ड ही नहीं हुई। जिसका फाल्ट गुरुवार को बिजली कर्मियों की टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों में ठीक किया। बावजूद इसके इन बिजलीघरों से निकलने वाले 11 केवी फीडरों की लाइन मेंटेंन न होने से अभी भी इन क्षेत्रों के करीब 200 गांवों में अंधेरा छाया है।
मुख्य अभियंता देवीपाटन जोन आरके श्रीवास्तव का कहना है कि पिछले हफ्ते भर में आंधी-पानी से बिजली व्यवस्था को काफी नुकसान पहुंचा है। रविवार की रात आई आंधी से जिले भर में 150 के करीब बिजली के खंभे टूट गए थे। जिनके स्थान पर इस्टीमेंट सेंक्शन करके नए खंभे लगवा दिए गए थे। लेकिन तभी बुधवार की रात फिर से आंधी आ गई। रात में जिन-जिन बिजलीघरों की 33 केवी लाइनें ब्रेकडाउन में आई थी। उन सभी की आपूर्ति पहले की तरह बहाल की जा चुकी है। जबकि कुछ इलाकों में 33 केवी बिजलीघरों से चलने वाली 11 केवी लाइनें अभी फाल्ट में है। जिसे ठीक कराया जा रहा है।
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बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर फेरा पानी
रविवार रात आई आंधी-पानी से जहां किसानों की कमर पहले ही टूट चुकी थी, तो वहीं बुधवार की रात एक बार फिर से हुई बरसात ने उनकी बची-खुची उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया। कृषि क्षेत्र के जानकारों की मानें तो आंधी-पानी ने किसानों के गेहूं की फसल को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। क्योंकि ज्यादातर किसानों के गेहूं की फसल अभी भी उनके खेतों में ही खड़ी है, जिसे वह नहीं काट पाए थे।

नुकसान की राहत आयुक्त ने मांगी रिपोर्ट
आंधी-पानी से हुए नुकसान को लेकर राहत आयुक्त की मांगी गई रिपोर्ट के बाद आयुक्त देवीपाटन मंडल ने सभी चार जिलों के जिलाधिकारियों सहित अन्य अफसरों को आंधी-पानी से हुए नुकसान की पूरी रिपोर्ट तैयार कर उन्हें भेजे जाने के निर्देश दिए हैं। जिससे कि नुकसान की भरपाई हो सके।
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