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जिला सहकारी फेडरेशन में भी लहराया भगवा

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सत्यप्रकाश बने चेयरमैन, रोमांचक चुनाव में तीन मतों से जीते
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सीतापुर। जिला सहकारी फेडरेशन लिमिटेड के चुनाव में भारी उठापटक के बाद आखिरकार भगवा परचम फहराया। रोमांचक मुकाबले में बाजी भाजपा समर्थित सत्य प्रकाश मिश्र ने मारी। सत्य प्रकाश ने प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में तीन मतों से प्रतिद्वंद्वी नेहा त्रिपाठी को शिकस्त देते हुए जीत का ताज पहन लिया।

सत्य प्रकाश के विजयी होने का ऐलान होते ही भाजपा खेमा खुशी से झूम उठा। निर्वाचन अधिकारी प्रभाकांत अवस्थी ने फेडरेशन के नवनिर्वाचित चेयरमैन सत्य प्रकाश मिश्र को प्रमाण पत्र प्रदान किया।
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फेडरेशन के चेयरमैन पद की चुनाव प्रक्रिया बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच पूरी कराई गई। सुबह से ही फेडरेशन के दफ्तर में गहमागहमी शुरू हो गई थी। अनन्तिम मतदाता सूची से लेकर नामांकन व जांच के बाद मतदान कराया गया।

चेयरमैन की कुर्सी पर काबिज होने के लिए भाजपा समर्थित सत्य प्रकाश मिश्र और फेडरेशन के पूर्व चेयरमैन भरत त्रिपाठी की बहू नेहा त्रिपाठी ने दावेदारी पेश की। जिले में एक नामित डायरेक्टर सहित 14 डायरेक्टर हैं।

कुल 14 मतों में से 13 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। ऐलिया सीट पर लॉटरी प्रक्रिया के बाद उपजे विवाद को लेकर भाजपाइयों की शिकायत पर चुनाव आयोग ने प्रशासन द्वारा विजयी घोषित किए गए हीरालाल के मतदान करने पर रोक लगा दी थी।

मतगणना के बाद निर्वाचन अधिकारी ने नतीजे घोषित कर दिए। सत्य प्रकाश को आठ जबकि नेहा त्रिपाठी को पांच मत मिले। इस मौके पर सेवता विधायक ज्ञान तिवारी, महोली विधायक शशांक त्रिवेदी, सलिल सेठ, ओमप्रकाश मिश्र मौजूद थे।

और खत्म हो गया भरत का वर्चस्व
फेडरेशन में पूर्व एमएलसी व चेयरमैन भरत त्रिपाठी का वर्चस्व आखिर खत्म हो गया। भरत पिछले 28 साल से फेडरेशन पर काबिज थे। अबकी लगातार दो साल चुनाव लड़ने वालों पर पाबंदी के बाद भरत ने अपनी बहू नेहा त्रिपाठी के जरिए वर्चस्व कायम रखने की जुगत भिड़ाई थी।

चर्चा में रहा भाजपा के नेताओं का गायब रहना
फेडरेशन चुनाव में सेवता विधायक ज्ञान तिवारी को जिला प्रभारी नियुक्त किया गया था। ज्ञान शुरुआत से ही भाजपा का चेयरमैन बनवाने की कवायद में लग गए। बुधवार को चुनाव के दौरान महोली विधायक शशांक त्रिवेदी के अलावा कोई भाजपा नेता नजर नही आया। यहां तक भाजपा जिलाध्यक्ष, सांसद सीतापुर, सदर विधायक तक चुनाव से दूरी बनाए रहे। इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।

जब डीएम को आया गुस्सा
फेडरेशन चुनाव के संबंध में भाजपा समर्थित प्रत्याशी सत्य प्रकाश ने ऐलिया सीट पर विवादित निर्णय का हवाला देकर डायरेक्टर हीरालाल के मतदान पर रोक लगाने की मांग चुनाव आयोग व जिला निर्वाचन अधिकारी से की।
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यह शिकायत लेकर युवा मोर्चा के उदित बाजपेई डीएम आवास पहुंचे। इस पर डीएम शीतल वर्मा का पारा चढ़ गया। गुस्साईं डीएम ने कहा कि आप आवास कैसे आ गए। सूत्र बताते हैं, कि डीएम ने उदित को आवास पर बैठा लिया। हालांकि कुछ देर बाद गुस्सा कम होने पर उदित को छोड़ दिया गया।
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