रायबरेली। उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद की वार्षिक परीक्षाएं सोमवार को अव्यवस्थाओं के बीच शुरू हो गईं। सभी परीक्षा केंद्र माध्यमिक विद्यालयों को बनाया गया है, जहां नया शैक्षिक सत्र भी शुरू हो चुका है। एक तरफ स्कूलों की अपनी कक्षाएं संचालित हो रही थीं तो दूसरी तरफ मदरसा बोर्ड की परीक्षा कराई गई। इस वजह से अव्यवस्था का आलम रहा। बाहरी शिक्षक न मिल पाने के कारण ज्यादातर कमरों में मदरसों के शिक्षकों को ही बतौर कक्ष निरीक्षक तैनात किया गया। सीसीटीवी की निगरानी में हुई परीक्षा के चलते पहले दिन लगभग 25 फीसदी परीक्षार्थियों ने एग्जाम छोड़ दिया। सोमवार को 1394 परीक्षार्थियों में से 338 ने परीक्षा छोड़ दी।
उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद की वार्षिक परीक्षाओं के लिए राजकीय इंटर कॉलेज रायबरेली, राजर्षि रामपाल सिंह वैदिक इंटर कॉलेज रायबरेली, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज महराजगंज और सर्वोदय विद्यापीठ इंटर कॉलेज सलोन को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। चारों परीक्षा केंद्रों में दो पालियों में अरबी-फारसी की मुंशी, मौलवी, आलिम, कामिल, फाजिल की परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। पहली पाली में मुंशी और मौलवी के परीक्षार्थियों को एग्जाम देना था, जिसके लिए चारों सेंटर पर 705 परीक्षार्थी आवंटित थे, जिसमें से 231 परीक्षार्थियों ने एग्जाम छोड़ दिया। जीआईसी में 76, वैदिक में 34, जीजीआईसी में 67 और सर्वोदय में 54 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में सिर्फ दो सेंटरों वैदिक और सर्वोदय में परीक्षा कराई गई। वैदिक में 601 परीक्षार्थियों में 98 अनुपस्थित रहे, जबकि सर्वोदय में 88 पंजीकृत परीक्षार्थियों में नौ ने परीक्षा छोड़ दी।
पहली पाली में मुंशी एवं मौलवी के 705 तथा दूसरी पाली में फाजिल, कामिल, आलिम के 884 परीक्षार्थियों को एग्जाम देना है। इस तरह से जिले में कुल 1589 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। फिलहाल परीक्षा के लिए करीब 80 कक्ष निरीक्षकों की जरूरत पड़नी थी। इसके लिए मदरसों के शिक्षकों के साथ ही परीक्षा केंद्र बनाए गए कॉलेजों के शिक्षकों और बेसिक शिक्षा के टीचरों को लगाया जाना था, लेकिन ज्यादातर कमरों में मदरसों के शिक्षक ही कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी करते नजर आए। पहली पाली में स्कूलों का अपना शिक्षण कार्य चालू होने के कारण परीक्षा में अव्यवस्था दिखी, जबकि दूसरी पाली में शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा कराई गई। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की टीम ने भी परीक्षा केंद्रों का मुआयना किया। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुनीता देवी ने बताया कि नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं।