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यूपी बजट 2018: युवाओं के लिए खुल सकता है नौकरियों का पिटारा, बेटियों के लिए ये हैं उम्मीदें

Fri, 16 Feb 2018 10:55 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोंडा
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गोंडा। प्रदेश सरकार शुक्रवार को आम बजट पेश करेगी, जिसमें युवाओं के लिए नौकरियों का पिटारा खुल सकता है। शासन स्तर पर बेटियों को स्नातक स्तर तक की निशुल्क शिक्षा देने की योजना भी बनाई जा रही है। साथ ही खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के लिए भी सरकार विशेष प्लान ला सकती है। सरकार अगर इस तरह की स्कीम लेकर आती है तो जिले के करीब एक लाख स्नातक बेरोजगार युवाओं को इसका लाभ मिलेगा। युवाओं का कहना है कि अगर सरकार इस दिशा में काम करती है तो इससे बेरोजगारों के लिए नौकरियों के नए रास्ते खुल सकते हैं।
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जिले में उच्च शिक्षण संस्थाओं के रूप में 36 महाविद्यालय संचालित हैं। इस महाविद्यालयों में करीब 90 हजार छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। तीन राजकीय पॉलीटेक्निक व छह आईटीआई कॉलेजों में करीब तीन हजार छात्र तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इसके अलावा इंटरमीडिएट स्तर पर इस साल 50 हजार छात्र-छात्राएं परीक्षा दे रहे हैं। इन युवाओं के सामने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी सबसे बड़ी समस्या है।

सेवायोजन कार्यालय में भी करीब 22 हजार स्नातक बेरोजगारों ने नौकरी के लिए पंजीकरण करा रखा है। पूर्ववर्ती सरकार इंटर पास होने वाले छात्र-छात्राओं को निशुल्क लैपटॉप देने की योजना का संचालन कर रही थी, मगर बजट के अभाव में इस बार प्रदेश सरकार लैपटॉप देने की स्थिति में नहीं है। इसके स्थान पर स्नातक पास बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने का रास्ता तलाश कर रही है। शुक्रवार को पेश होने वाले आम बजट में इसकी घोषणा की जा सकती है। अगर सरकार की तरफ से इन युवाओं को नौकरी उपलब्ध कराने की योजना सामने लाई जाती है तो जिले के करीब 1.15 लाख बेरोजगार युवाओं के लिए नौकरी के नए रास्ते खुल सकते हैें।
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एक लाख छात्राओं को निशुल्क शिक्षा की आस
हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में इस बार करीब 50 हजार बालिकाएं परीक्षा दे रही हैं। इसी तरह से महाविद्यालयों में भी करीब 50 हजार छात्राएं स्नातक की शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। इनमें से तमाम छात्राएं फीस के अभाव में पढ़ाई छोड़ देती हैं। ऐसे में छात्राओं को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार आम बजट में स्नातक स्तर की निशुल्क शिक्षा के लिए अहिल्याबाई कन्या निशुल्क योजना लेकर आ सकती है। इसके तहत बालिकाओं को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रावधान होगा। अगर इस तरह की योजना सरकार लागू करती है तो इसका लाभ जिले की करीब एक लाख बालिकाओं को होगा। छात्रा प्रतिभा पांडेय का कहना है कि अक्सर फीस की वजह से लड़कियां अपनी पढा़ई छोड़ देती हैं। अगर निशुल्क शिक्षा का प्रावधान आता है तो इससे बेटियों को बहुत फायदा होगा। छात्रा साजिया कमल का कहना है कि निशुल्क शिक्षा का प्रावधान सराहनीय है। रेनू पांडेय ने बताया कि इससे लड़कियां भी निर्बाध रूप से उच्च शिक्षा ग्रहण कर सकेंगी। छात्रा सुधा, अनामिका व रीमा ने भी कहा कि अगर बालिकाओं को निशुल्क शिक्षा का प्रावधान किया जाता है तो यह क्रांतिकारी कदम होगा।
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एकलव्य क्रीड़ा कोष से निखरेंगी खेल प्रतिभाएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
जिले में खेल प्रतिभाओं की कमी नही हैं। इसे कई बार जिले के खिलाड़ियों ने साबित किया है और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मेधा का परचम लहराया है मगर सुविधाओं के अभाव में यह प्रतिभाएं राष्ट्रीय स्तर पर चमकने से पहले ही दम तोड़ जाती हैं। महिला रणजी क्रिकेट खिलाड़ी अंशू तिवारी का कहना है कि जिले में एक भी स्तर की खेल मैदान नहीं हैं, जो है भी वह पैसे के अभाव में जीर्ण-शीर्ण हैं। जिले स्तर पर खिलाड़ियों को प्रोत्साहन भी नहीं मिल पाता है, जिससे कई बेहतर खिलाड़ी पीछे छूट जाते हैं। बजट में इस बार खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार एकलव्य क्रीड़ा कोष का गठन करने जा रही है। अंशू का कहना है कि अगर इस तरह के कोष का गठन होता है तो इससे निश्चित रूप से जिले की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने में मदद मिल सकेगी।

महाविद्यालय-36
छात्र संख्या- 90 हजार
राजकीय पॉलीटेक्निक-03
छात्र संख्या-600
आईटीआई-06
छात्र संख्या-1500
सेवायोजन कार्यालय में पंजीकृत स्नातक बेरोजगार-22 हजार
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