पूरा बाजार के पिपरी संग्रामपुर गांव में जबरदस्त कटान शुरू, नदी में डूबे दो मकान
फैजाबाद। उफनाई सरयू/घाघरा में जलस्तर के उतार-चढ़ाव से जबरदस्त कटान शुरू हो गई है। पूराबाजार, रुदौली व सोहावल के तटीय इलाकों में हड़कंप मचा हुआ है।
सरयू की प्रलयंकारी लहरें पिपरी संग्रामपुर और कै थी माझा गांव को लीलने पर उतारू हैं। ग्रामीण भयंकर कटान देख आशियाने उजाड़ रहे हैं, जैसे-तैसे सामानों को सुरक्षित बंधे व ऊंचे स्थानों पर लाने में जुटे हैं।
केंद्रीय जल बोर्ड के अनुसार, सरयू का जलस्तर रविवार के मुकाबले तेजी से 18 सेमी घटते हुए सोमवार शाम 73.17 मीटर रिकार्ड हुआ। यह अभी भी लाल निशान 72.73 से 44 सेमी ऊपर है।
सरयू के घटते जलस्तर से सदर तहसील के कछारीय इलाकों में कटान तेज हो गई है। पिपरी संग्राम गांव नदी में समाने की ओर है। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर में कमी आई है लेकिन बहाव काफी तेज हो गया है, जिससे पिपरी संग्राम में भयंकर कटान शुरू हो गई है।
गांव के मेवालाल निषाद व रामबचन निषाद का घर सोमवार सुबह नदी में समा गया। ग्राम प्रधान तेज बहादुर निषाद ने बताया कि ग्रामीणों के सहयोग से कटान की जद में आए लोग घरों का सामान हटाकर सुरक्षित स्थान पर ले जा रहे हैं।
ग्राम प्रधान ने बताया कि लेखपाल सूर्यभान यादव गांव में ही रहकर कटान पर नजर रखे हैं, जिन लोगों के घर कट गये हैं, उसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई है। फसलें भी पूरी तरह से तबाह हो चुकी हैं।
लेखपाल ने बताया कि नुकसान का आंकलन कर रहे हैं। ग्राम प्रधान का कहना है कि विगत वर्षों में आई प्रलयंकारी बाढ़ से गांव का दो तिहाई हिस्सा नदी में समा गया है, कटान न थमी तो इस बार गांव का अस्तित्व ही मिट जाएगा।
उन्होंने कहा कि दो वर्ष पहले आई बाढ़ में हमारा भी घर कट गया था। अपना आवास उजाड़ रहे मेवालाल ने बताया कि घर उजाड़ने से काफी दुखी हूं लेकिन मजबूर होकर उजाड़ रहे हैं। ताकि कुछ सामान तो बचाया जा सके।
उधर, रुदौली के कैथी माँझा में हालात बहुत गंभीर हैं। 71 घरों वाला यह गांव चारों तरफ घाघरा की धाराओं में फंसा है। कटान से यहां मात्र 9 घर ही बचे हैं। नाव से बंधे पर आए गांव के गौरीशंकर ने बताया कि गांव में अभी भी कमर भर पानी भरा है।
कुछ लोग मचान बनाकर रह रहे हैं। वृंद बहादुर ने कहा कि घर पूरी तरह धाराओं के थपेड़े व डूबे होने तबाह हो गए हैं। मौजी राम व तुलसीराम ने कहा कि कटान से बचे नौ घर भी तबाह हो चुके हैं। छप्पर जमींदोज हो गए हैं। पानी घटने पर कटान से आबादी बचनी भी मुश्किल होगी।
एडीएम वित्त व राजस्व एमसी दूबे ने बताया कि बाढ़ से हुए नुकसान का राजस्व कर्मियों को मौके पर भेजकर आंकलन कराया जा रहा है। क्षतिग्रस्त घरों, फसलों आदि का मुआवजा दिया जाएगा। सभी प्रभावित तहसीलों के एसडीएम से लेकर नायब तहसीलदार तक को राहत व बचाव के लिए अलर्ट किया गया है।