डीपीआरओ ने चार्ज संभालते ही सफाईकर्मियों की मनमानी पर कसा शिकंजा
एडीओ हर सप्ताह 10-10 गांवों का निरीक्षण करके देंगे रिपोर्ट, होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। गांवों में सफाई का काम छोड़ दफ्तरों व अफसरों के घरों पर मौज उड़ा रहे 200 से अधिक सफाईकर्मियों पर शिकंजा कसा गया है। नए डीपीआरओ ने चार्ज संभालते ही सफाईकर्मियों के कार्यस्थलों के जांच के आदेश दिए हैं। सभी एडीओ को हर सप्ताह कम से कम 10-10 सफाईकर्मियों के कार्यस्थलों की जांच करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। काम न करने वालों पर कार्रवाई होगी।
डीपीआरओ के संज्ञान में ऐसी कई शिकायतें आईं हैं कि सफाईकर्मी गांवों में नहीं आते और सफाई का काम भी नहीं करते हैं, लेकिन ब्लॉकों से उनके गांवों में उपस्थित होने का प्रमाणपत्र भेजकर हर माह वेतन दिया जा रहा है। यह भी संज्ञान में आया है कि गांवों में काम न करके सफाईकर्मी ब्लॉकों व जिला मुख्यालय के कार्यालय में काम कर रहे हैं और ब्लॉकों से हर माह वेतन उठा रहे हैं।
मनमानी संज्ञान में आते ही डीपीआरओ ने सभी एडीओ को पत्र जारी कर दिया है। पूर्व में आदेश जारी होने के बाद भी निरीक्षण न करने पर नाराजगी जताई है। डीपीआरओ ने सभी एडीओ को हर सप्ताह 10-10 गांवों का निरीक्षण करके सफाईकर्मियों के संबंध में रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही पर एडीओ पंचायत जिम्मेदार होंगे।
इनसेट
बिना अनुमति सफाईकर्मी आए तो होगी कार्रवाई
डीपीआरओ ने मुख्यालय पर सफाईकर्मियों की मौजूदगी को प्रतिबंधित कर दिया है। उन्होंने सभी एडीओ को आदेश दिए हैं कि बिना अनुमति के कोई सफाईकर्मी जिला मुख्यालय पर नहीं आएगा। सभी कर्मी अपने तैनाती वाले गांवों में काम करेंगे। आदेश का अनुपालन न होने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए एडीओ पंचायत स्वयं जिम्मेदार होंगे।
वर्जन
जांच में दोषी मिलने पर होगी कार्रवाई
सफाईकर्मियों को अपने राजस्व गांवों में ही सफाई का काम करना है। वे कार्यालयों व अन्य स्थानों पर काम नहीं कर सकते हैं। ऐसी कई शिकायतें मिलने के बाद सभी एडीओ को संबंधित कर्मियों के कार्यस्थलों का निरीक्षण करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। गांवों में न मिलने वाले सफाईकर्मियों पर कार्रवाई होगी।
-नवीन सिंह, डीपीआरओ