राजधानी लखनऊ के बाजार खाला के ऐशबाग इलाके के हबीबनगर की गूदड़ बस्ती में बृहस्पतिवार देर शाम भीषण अग्निकांड में दो सौ झुग्गी-झोपड़ी स्वाहा हो गईं। दिवाली के चलते जलाकर छोड़ी गई कैंडिल एक झुग्गी पर गिरी और आग भड़क उठी। फूस व पन्नी से बनी झोपड़ियां धू-धूकर जलने लगी।
ऊंची लपटों के बीच लोगों ने किसी तरह अपने बच्चों व गृहस्थी का कुछ सामान निकाला। सेना व आसपास के जिलों से दमकल की गाड़ियां मंगाई गईं। फायरब्रिगेड की गाड़ियां रात भर दौड़ती रही। आग बुझाने में दस घंटे लगे अग्निकांड में 50 लाख से अधिक की संपत्ति राख हो गई।
एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि दिवाली के चलते बृहस्पतिवार शाम 7:30 बजे बुलाकी अड्डा की तरफ से किसी ने कैंडिल जलाकर छोड़ी जो थोड़ी देर आसमान में उड़ने के बाद हबीबनगर-ए की गूदड़ बस्ती के पश्चिमी छोर की एक झुग्गी पर जा गिरी। पन्नी से बनी झुग्गी जल उठी। लोग अपने बच्चों व जरूरत का सामान लेकर भागने लगे।
सूचना पर इंस्पेक्टर बाजार खाला चंद्रप्रकाश सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। थोड़ी देर में फायरब्रिगेड आ गई। ऊंची लपटें उठते देख दमकल दस्ते ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी। सीएफओ अभयभान पांडेय ने सभी फायर स्टेशनों की गाड़ियां मौके पर रवाना कीं और टीम लेकर खुद पहुंचे। इस बीच आग बड़े इलाके में फैली पूरी गूदड़ बस्ती को चपेट में ले चुकी थी।
करीब दो सौ झुग्गी-झोपड़ियों में रहते हैं एक हजार लोग
दमकल दस्ते ने चारों तरफ से पानी की तेजधार छोड़कर आग बुझाने के साथ बस्ती से सटी प्लाइवुड फैक्ट्री, टिंबर आदि को बचाने के प्रयास शुरू किए। एसएसपी ने बताया कि गूदड़ बस्ती की करीब दो सौ झुग्गी-झोपड़ियों में महिलाएं व बच्चों समेत करीब एक हजार लोग रहते हैं। आग भड़कने से पहले लोगों ने मासूम बच्चों को सुरक्षित निकाला।
दमकल की 35 गाड़ियों ने बुझाई आग
सीएफओ अभयभान पांडेय ने बताया कि जिले के विभिन्न फायर स्टेशनों की 24 गाड़ियों को मौके पर रवाना किया गया। हालात बेकाबू होते देख सेना व आसपास के जिलों से दमकल दस्ता बुलाया गया।
बाराबंकी, रायबरेली, उन्नाव से दो-दो गाड़ी मौके पर पहुंची। इसके अलावा एयरफोर्स स्टेशन बीकेटी व मेमोरा, आर्मी कैंटोनमेंट, टाटा व एचएएल से फायरब्रिगेड बुलाई गई। इस तरह 35 गाड़ियों की मदद से आग बुझाने में दस घंटे से अधिक लगे। ऐशबाग जलसंस्थान से पानी की व्यवस्था की गई थी।
बारूद के ढेर पर रहते थे लोग
सीएफओ ने बताया कि सभी झुग्गी-झोपड़ियां तेजी से आग पकड़ने वाली पन्नी व फूस से बनी थी। कूड़ा बीनकर जीवनयापन करने वाले लोगों ने अपनी झुग्गी के पास में ही कोल्डड्रिंक की खाली बोतलों, प्लास्टिक के कबाड़, पन्नी आदि के गोदाम बना रखे थे।
पचास लाख से अधिक की क्षति
राहत कार्य में जुटे समाजसेवियों ने 197 अग्नि पीड़ितों की सूची तैयार करके पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों को सौंपी है। इसमें 50 लाख से अधिक की क्षति बताई गई है।