रायबरेली। ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में दोषसिद्ध होने पर कोर्ट ने अभियुक्त को पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। 22 हजार अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायालय स्थित पॉक्सो कोर्ट प्रथम के विशेष न्यायाधीश आलोक कुमार सिंह ने बुधवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) वेदपाल सिंह व योगेश चंद्र मिश्र के मुताबिक पीड़िता के पिता के प्रार्थनापत्र पर न्यायालय के आदेश के बाद थाना ऊंचाहार में रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
रिपोर्ट के अनुसार 12 नवंबर 2021 की शाम करीब सात बजे वादी घर पर नहीं था। इसी दौरान रिश्तेदार नान भइया उसकी 17 वर्षीय बेटी को बहाने से अपने साथ ले गया और रास्ते में दुष्कर्म किया। कहीं बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस ने विवेचना के बाद नान भइया के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट ने साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त को दोषी पाते हुए कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई। कोर्ट ने अर्थदंड जमा होने पर आधी राशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का भी आदेश दिया है।