प्रदेश में लगभग 20 हजार संस्थाओं की उच्च स्तरीय जांच होगी। इनमें शैक्षणिक, सोशल ट्रस्ट, एनजीओ और सोसायटी शामिल हैं। इन संस्थाओं को सामाजिक सरोकार (कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) के तहत आयकर में छूट दी जाती है, लेकिन छूट का इस्तेमाल उस मद में नहीं होता है।
वित्तीय वर्ष 2018-19 में इन संस्थानों को 43 हजार करोड़ की आयकर छूट दी गई। जबकि प्रदेश के पूर्व व पश्चिम के करदाताओं से 13 हजार करोड़ रुपये का कर संग्रह हुआ था। यह जानकारी प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (छूट) प्रमोद कुमार गुप्ता ने बृहस्पतिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
उन्होंने बताया कि सरकार ने कर छूट के सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए पहली बार आयकर विभाग में प्रधान आयकर आयुक्त छूट के अतिरिक्त पद का गठन किया है।
उन्होंने कहा कि यूपी समेत अन्य राज्यों के सरकारी विभागों में वित्तीय अनियमितताएं होने का अंदेशा है, जिसका सर्वे कराया जाएगा। केंद्र व राज्य सरकार के कर्मचारी इसकी जांच में अड़चन पैदा न करें, इसके लिए केंद्रीय वित्त मंत्री और राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा जाएगा।
वहीं, एक सवाल के जवाब में उन्होेंने कहा, पूर्व सीएम मायावती के प्रमुख सचिव रहे नेतराम के खिलाफ पड़े छापे के बाद जांच चल रही है।