20 हजार कार्डधारक दो दुकानों से उठा रहे अनाज, पात्रता सूची से हटाए जाएंगे डिफॉल्टरों के नाम
खाद्य सुरक्षा योजना लागू होने के बाद भी सस्ती दर का राशन हड़पने में गड़बड़ी नहीं थम रही है।
इसका अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि राजधानी में 20 हजार ऐसे कार्डधारक परिवार हैं, जो एक साथ दो राशन दुकानों से अनाज उठा रहे हैं।
खाद्य व रसद विभाग की जांच में चिह्नित ये परिवार दूसरे जरूरतमंद के हिस्से का अनाज भी हड़प रहे थे। अब ऐसे डिफॉल्टरों का नाम योजना की पात्रता सूची से हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
विभागीय सूत्र बताते हैं कि जांच में बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनके आधार कार्ड नंबर और नाम पर दूसरे जिले में बने राशन कार्ड पर बतौर यूनिट नाम जोड़ कर अनाज लिया जा रहा था।
इनमें विवाहित महिलाओं की संख्या सबसे अधिक है। पात्र गृहस्थी के मुखिया की ओर से परिवार में लड़की की शादी के बाद इसकी जानकारी विभाग को न देने से ही दूसरी जगह के राशन कार्ड में उसका नाम जुड़ जाने से ऐसा हो रहा है।
विभागीय स्तर पर चूक के कारण राशन कार्ड में प्रति यूनिट लिंकअप आधार नंबर की फीडिंग तो की गई, लेकिन इसका सत्यापन नहीं कराया गया। अब इसे आधार नंबर की डबलिंग बता कर जिम्मेदार कार्रवाई से बचने का जोड़-तोड़ कर रहे हैं।
दो तरह की गड़बड़ी आई सामने
विभाग की जांच के बाद तैयार राजधानी की डुप्लीकेसी रिपोर्ट में दो तरह की गड़बड़ी सामने आई है। पहली श्रेणी में ऐसे पात्र गृहस्थ मिले, जिन्होंने एक ही आधार कार्ड को लखनऊ सहित अन्य दूसरे जिले में लाभार्थी बनने में इस्तेमाल किया। दूसरी श्रेणी में परिवार के ऐसे सदस्यों के नाम पकड़ में आए जिनके आधार नंबर को दूसरे जिले के राशन कार्ड में दर्ज यूनिट के साथ जोड़कर भी अनाज उठान में इस्तेमाल लाया गया था।
होगी रिकवरी
अपर आयुक्त, खाद्य व रसद, अनिल दुबे ने बताया कि अनाज उठान की गड़बड़ी में चिह्नित कार्डधारियों के नाम खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों की सूची से हटाने को कार्रवाई शुरू की गई है। इसके साथ ही विभाग ऐसे डिफॉल्टरों की ओर से हड़पे गए अनाज का आकलन व मूल्यांकन कर इसकी रिकवरी भी कराएगा।