गोंडा। दिन में गर्मी की तपिश तो रात में उमस से फूलती सांस से निजात दिलाने में बिजली व्यवस्था फेल है। जिले के 900 गांवं ऐसे हैं जहां के लोगों की रात करवट बदलते बीत रही है। 20 लाख की आबादी बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से ऊब चुकी है। कई इलाकों में गांव के लोगों ने आक्रोश भी जताया है। बिजली विभाग जनता की समस्याओं से आंखे फेरे हुए है, हालात यह है कि जनता के सब्र का बांध कभी भी टूट सकता है।
गर्मी में बिजली की मांग बढ़ने का संकेत पहले ही विभाग को मिल चुका था। तपिश और उमस से राहत देने के लिए शासन के निर्देशों का भी विभाग ने ध्यान नही दिया। अब स्थिति बद से बदतर हो गई है। तरबगंज तहसील के बसरड़ा गांव के भूपति चौबे ने फोन करके बिजली का दर्द बयां किया। कहा कि बेलसर से परसपुर मार्ग पर शुकुलगंज बिजली उपकेंद्र से जुड़े 100 से अधिक गांवों में बिजली की समस्या है। पांच से छह घंटे तक भी बिजली सही ढंग से नही मिल पा रही है। दिन को न चैन मिल रहा है और रात को नींद तक नहीं आ रही है। इससे लोगों के सेहत पर भी असर पड़ रहा है।
इसी तरह करनैलगंज क्षेत्र के भी शिवाकांत कहते हैं कि समय से बिजली नही आ रही है। बिजली कटौती रात व दिन दोनो समय हो रही है। वहीं गौरा क्षेत्र में तो बिजली को लेकर हंगामा खड़ा हो गया है। क्षेत्र के विधायक प्रभात कुमार वर्मा ने तो ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर विभाग को कटघरे में खड़ा कर दिया है। उनका कहना है कि आखिर बिजली कब सुधरेगी। इसी तरह धानेपुर के सुरेश कुमार कहते हैं कि सात घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। आती है तो रूक-रुक कर कटती रहती है। कटरा में भी बिजली की समस्या है, यहां के महेश कुमार ने बताया कि अक्सर बिजली चली जाती है। इस तरह पूरे जिले में बिजली की समस्या से लोगों को रोज सामना करना पड़ रहा है।
आंधी-पानी भी नहीं झेल पाती बिजली, जर्जर तार बढ़ा रहे दर्द
बिजली विभाग की स्थिति यह है कि वह अपनी ही व्यवस्था से जूझ रही है। हल्की सी आंधी पानी की आहट से ही बिजली गुल हो जा रही है। इसके अलावा इस दौरान आने वाली समस्या गावों में कई दिनों तक ठीक नहीं हो पा रही हैं। सबसे अधिक समस्या तो जर्जर और ढीले तार हैं। ऐसे तार आपस में लड़कर टूट जाते हैं, यह आए दिन होता रहता है। जर्जर तारों को बदलने में विभाग की कजूंसी अब जनता पर भारी पड़ रहा है। स्थिति यह है कि एक दर्जन से अधिक कस्बे ऐसे हैं जहां जर्जर तार दुर्घटनाओं को दावत दे रहे हैं।
लखनऊ कंट्रोल रूम व ट्रांसमिशन से भी है दिक्कत
बिजली समस्या के लिए प्रमुख रूप से लखनऊ का कंट्रोल रूम जिम्मेदार है तो गोंडा का ट्रासंमिशन भी समस्या बढ़ाए हैं। यहां से रात में छह से सात घंटे बिजली कट जा रही है। बिना कारण बताए, अचानक बिजली कटौती से गांवों में समस्या बनी है। यही नही इसका असर शहरी क्षेत्र में भी देखने को मिलता है। फिलहाल विभाग चाह कर भी इस समस्या का निदान नही कर पा रहा है।
बिजली समस्या को दूर करने के लिए प्रयास किया जा रहा है। लखनऊ कंट्रोल रूम से भी संपर्क किया गया है। वैसे समस्या दूर करने में सप्ताह भर का समय लगना तय है। विभाग पूरी तरह जन समस्या के निदान के लिए प्रयासरत है। -आरके श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता