हाई अलर्ट पर अयोध्या, चप्पे-चप्पे की निगहबानी
अयोध्या। विहिप की धर्म सभा और शिवसेना के कार्यक्रम को लेकर अयोध्या हाई अलर्ट पर है। शनिवार सुबह भक्तों को रामलला तक जाने में कोई दिक्कत नहीं हुई, मगर शिवसेना का आशीर्वाद समारोह समाप्त होते-होते सुरक्षा घेरा गलियों से लेकर सड़कों तक कस गया।
लखनऊ के एडीजी आशुतोष पांडेय व अयोध्या मंडल के डीआईजी ओंकार सिंह खुद गलियों में फोर्स के साथ उतरे जबकि डीएम डॉ. अनिल कुमार व एसएसपी योगेंद्र की टीम शिवसैनिकों की एक-एक गतिविधियों पर नजर रख रही थी।
सभी को सभा के बाद बैरिकेडिंग करके सीधे नया घाट मार्ग पर निकाला गया। प्रशासन इस बात को लेकर सतर्क था कि शिवसैनिक रास्तों से अनजान हैं, यदि वे अनजानी गलियों में घुसे तो किसी भी तरह की हरकत तनाव पैदा कर सकती है।
एटीएस कमांडो, आरपीएफ, पीएसी के साथ सिविल पुलिस की तैनाती से अयोध्या छावनी में तब्दील हो गई है। सुरक्षा की कमान एडीजी आशुतोष पांडेय, बरेली के डीआईजी सुभाष सिंह बघेल के साथ अयोध्या के डीआईजी ओंकार सिंह, एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने संभाल रखी है।
अयोध्या प्रवेश मार्ग पर शनिवार को पहली बैरिकेडिंग जालपा देवी चौराहे पर दिखी, यहां से वाहनों को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा था। आगे बढ़ने पर टेढ़ी बाजार चौराहे से अयोध्या व विवादित परिसर जाने वाले रास्ते पर भी द्विस्तरीय बैरिकेडिंग थी।
दोनों जगह भारी संख्या में पुलिस व पीएसी के जवान तैनात दिखे। इसके अलावा अयोध्या में प्रवेश के अन्य मार्ग बूथ नंबर-4, मोहबरा बाजार, रामघाट चौराहा, बंधा तिराहा, रामघाट हाल्ट समेत अन्य गलियों वाले रास्तों पर भी बैरिकेडिंग लगाकर भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात है।
विहिप की धर्मसभा रविवार को परिक्रमा मार्ग स्थित बड़े भक्तमाल की बगिया में होनी है। कार्यक्रम स्थल पर पीएसी व सीआरपीएफ के जवानों के साथ सिविल पुलिस की तैनाती है। यहां से अयोध्या जाने वाले सभी मार्गों व गलियों में बैरिकेडिंग है और सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।
यहां से बड़ी छावनी होकर हनुमान कुंड व अयोध्या रेलवे क्रॉसिंग मार्ग, कांशीराम कॉलोनी होते हुए रामघाट चौराहे से अयोध्या प्रवेश मार्ग के अलावा अन्य छोटी-छोटी गलियों में बैरियर लगे हैं।
अयोध्या के हनुमानगढ़ी चौराहा, दीनदयाल मोड़, टेढ़ी बाजार, पुराना बस स्टेशन, अशर्फी भवन समेत कई अन्य छोटे रास्तों पर द्विस्तरीय बैरिकेडिंग लगाकर प्रत्येक पर सैकड़ों की संख्या में पीएसी व पुलिस के हथियारबंद जवानों की तैनाती की गई है।
हनुमानगढ़ी, कनक भवन, रामजन्मभूमि के आसपास के क्षेत्रों में सीआरपीएफ व एटीएस कमांडो तैनात हैं। शनिवार को श्रीरामजन्मभूमि दर्शन को जाने वाले श्रद्धालुओं को समूह में नहीं जाने दिया गया।
अयोध्या में सुरक्षा की कमान एडीजी आशुतोष पांडे ने संभाल ली है। उनके साथ अयोध्या में एसएसपी व एसपी सिटी रहे वर्तमान में बरेली के डीआईजी सुभाष सिंह बघेल को भी लगाया गया है।
इसके अलावा अयोध्या मंडल के डीआईजी ओंकार सिंह, एसएसपी जोगेंद्र कुमार भी पल-पल की खबर ले रहे हैं। एसपी सिटी अनिल सिंह सिसौदिया ने बताया कि 10 एएसपी, 21 डीएसपी, 160 इंस्पेक्टर, 300 उपनिरीक्षक, 700 कांस्टेबल के साथ-साथ 42 कंपनी पीएसी, पांच कंपनी आरएफ समेत एटीएस कमांडो को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है।
इसके अलावा वाटर कैनन, बम व डॉग स्क्वॉयड, दंगा नियंत्रण वाहन के साथ-साथ खुफिया व सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। कार्यक्रम स्थल पर सीसीटीवी व ड्रोन कैमरों से नजर रखी जाएगी। मंदिर व धरों की छतों पर भी सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।
मुंबई से शिवसैनिकों से भरी दो ट्रेन अयोध्या आई हैं। इनमें से शुक्रवार रात आई ट्रेन नंबर 00121 को रविवार शाम 6 बजे व शनिवार सुबह आई ट्रेन नंबर 00122 को रविवार रात 8 बजे वापस मुंबई रवाना होना था।
इनमें से शनिवार सुबह आई ट्रेन को रात 11 बजे वापस मुंबई रवाना कर दिया गया। अयोध्या रेलवे स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक एमएन मिश्र ने बताया कि यह निर्णय प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया।
अयोध्या के डीआईजी ओंकार सिंह ने बताया कि बैरियर व फोर्स सुरक्षा के लिए हैं। आने जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। दर्शन करने वालों को कहीं नहीं रोका जाएगा, लेकिन समूह में दर्शन नहीं करने दिया जाएगा।
इकबाल अंसारी समेत अन्य मुस्लिम नेताओं के आवास व मोहल्लों में अर्धसैनिक बल तैनात हैं। डीएम डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि कानून व्यवस्था से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं होगी।