बलरामपुर। बुधवार देर रात आंधी के साथ हुई बारिश ने एक बार फिर किसानों व बागबानों को तबाह कर दिया है। खलिहान में रखी गेहूं की फसल अब सड़ने लगी है। आम के बाग को भी आंधी से भारी नुकसान हुआ है। तमाम आम असमय ही पेड़ से गिर गए हैं।
विदित हो कि चार दिनों के अंदर दो बार आंधी-पानी आने से किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खेतों व खलिहानो में रखी गेहूं व दलहनी फसल के भीग जाने से सड़ने की आशंका बढ़ गई है। कटाई व मड़ाई का काम पूरी तरह से ठप हो गया है। बीते दिनों हुई ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी थी। अब बारिश होने से रही सही कसर भी पूरी हो गई है। पककर तैयार गेहूं की फसल का दाना बारिश के चलते घर में नहीं पहुंच पा रहा है। किसान मेहताब खां, कृष्ण गोपाल सिंह, चिनके, बड़कऊ व शिव कुमार वर्मा ने बताया कि लगातार चार दिनों के अंतराल पर आंधी तथा पानी से फसल में भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। आंधी के चलते आम की फसल को भी भारी नुकसान हो रहा है। इस वर्ष आम की अच्छी फसल आई है लेकिन लगातार आ रही आंधी में तमाम आम असमय ही गिरकर बर्बाद हो रहे हैं। बागवान कलीम खां, नन्हें व सुबराती ने बताया कि अच्छी फसल की वजह से हम लोगों ने महंगे दामों में बाग खरीदा है। यदि यही स्थिति रही तो हमारी लागत भी डूब सकती है। गुरुवार को आम की फसल के नुकसान से बागबान आहत दिखे। बाग में गिरे आमों को बटोरकर औने पौने दाम में बेचने की कोशिश की जा रही है। बारिश से जिले की मुख्य फसल गन्ने को फायदा मिला है। गन्ना किसानों के सिंचाई का खर्च बच गया है।