बहराइच। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के भ्रमण पर शुक्रवार को पहुंची प्रमुख सचिव वन ने कहा कि कतर्नियाघाट सेंक्चुरी को विशेष इको टूरिज्म के रूप में विकसित करने की कवायद चल रही है।
उनके साथ ही कतर्नियाघाट में मौजूद डीआरएम पूवोत्तर रेलवे ने कहा कि मार्च 2019 से नानपार-मैलानी प्रखंड पर आमान परिवर्तन के लिए ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया जाएगा। पर्यटकों की सुविधा के लिए दुधवा से कतर्नियाघाट तक सिर्फ एक ट्रेन संचालित होगी।
प्रमुख सचिव वन रेणुका कुमारी परिवार के साथ कतर्नियाघाट पहुंचीं थी। वहीं डीआरएम लखनऊ विजयलक्ष्मी कौशिक व डीआईजी एसएसबी जीएस चंद्रावत भी कतर्नियाघाट पहुंचे थे। तीनों अधिकारियों ने अपना दौरा व्यक्तिगत बताया।
हालांकि अमर उजाला से बातचीत में प्रमुख सचिव वन रेणुका ने कहा कि कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर उपाय किए जा रहे हैं। कतर्नियाघाट को विशेष इको टूरिज्म का दर्जा प्रदान किया गया है।
इसके तहत कतर्नियाघाट के विकास के लिए और कवायद तेज कर दी गई है। वहीं डीआरएम विजय लक्ष्मी ने कहा कि कतर्नियाघाट तक हैरिटेज ट्रेन संचालन की कार्य योजना बन चुकी है।
लेकिन वन विभाग की ओर से न्यायालय में कई याचिकाएं दाखिल हैं, इससे दिक्कत आ रही है। न्यायालय के निर्णय के अनुरूप कार्रवाई होगी। लेकिन मार्च 2019 से नानपारा-मैलानी प्रखंड पर आमान परिवर्तन के लिए ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया जाएगा।
सिर्फ पर्यटकों की सुविधा के लिए दुधवा से कतर्नियाघाट सेंक्चुरी तक ब्राडगेज रेल लाइन पर एक ट्रेन का संचालन होगा।
डीएफओ जीपी सिंह ने बताया कि कतर्नियाघाट सेंक्चुरी से सटे गांवों में बाघ और तेंदुओं के पहुंचने से मानव वन्यजीव संघर्ष की स्थितियां उत्पन्न हो रही हैं।
इससे निपटने के लिए एसएसबी के समन्वय से विशेष कार्य योजना तैयार की जा रही है। ग्रामीण अंचलों में जागरूकता अभियान भी चलाये जा रहे हैं।