फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फिल्म पद्मावती के विरोध में संगठनों ने फूंका पुतला

विज्ञापन
विज्ञापन
विरोध में उतरे रियासतदार और क्षत्रिय समाज के लोग
विज्ञापन

सुल्तानपुर। संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती को लेकर क्षत्रिय समाज व रियासतदार मुखर हो गए हैं। कई संगठनों ने फिल्म के विरोध में पुतला दहन शुरू कर दिया है। विभिन्न संगठनों के लोग ज्ञापन व प्रदर्शन के जरिए सरकार से फिल्म पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। क्षत्रिय समाज के लोगों ने फिल्म पर प्रतिबंध लगाने तक आंदोलन एवं विरोध जारी रखने का ऐलान किया है।

कलेक्ट्रेट गेट पर फूंका निर्माता निर्देशक का पुतला
फिल्म पद्मावती को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय कल्याण परिषद मुखर हो गया है। परिषद की बैठक शनिवार को शहर के तिकोनिया पार्क में हुई। इसमें पदाधिकारियों ने संजय लीला भंसाली निर्मित फिल्म की रिलीजिंग पर रोक लगाने की मांग सरकार से की।
विज्ञापन


कहा कि फिल्म में त्याग की प्रतिमूर्ति चित्तौड़ की महारानी पद्मावती का अपमान किया गया है। इतिहास को तोड़ा-मरोड़ा गया है। भारतीय समाज इसे स्वीकार नहीं करेगा। रोक नहीं लगने तक विरोध जारी रहेगा। इसके बाद कलेक्ट्रेट गेट पर फिल्म निर्माता का पुतला फूंका।

प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से दिया। इसमें फिल्म के प्रसारण पर रोक, निर्माता निर्देशक पर मुकदमा दर्ज कराने समेत चार मांगें रखीं। बैठक में जिलाध्यक्ष आरपी सिंह, संरक्षक अरविंद सिंह राजा, पूर्व अध्यक्ष अरुण उपाध्याय, बार अध्यक्ष नरेंद्र बहादुर सिंह, राजेंद्र सिंह, बृजेश प्रताप सिंह, विजय बहादुर सिंह, अभिषेक सिंह, प्रशांत सिंह मौजूद रहे।

बैठक कर जताया विरोध
भादर (अमेठी)। पद्मावती फिल्म के रिलीज होने को लेकर अमेठी जनपद में भी विरोध शुरू हो गया है। क्षत्रिय समाज ने रानी पद्मावती के इतिहास को गलत ढंग से प्रस्तुत करने का आरोप लगाते हुए फिल्म निर्माता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

शनिवार को क्षत्रिय समाज की जनपद अमेठी इकाई की बैठक पूर्व प्रधान भादर संतबख्श सिंह के आवास पर हुई। पूर्व प्रधान ने कहा कि फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली ने अपनी फिल्म में रानी पद्मावती के इतिहास का गलत ढंग से चित्रण व कथानक प्रस्तुत किया है।

इससे क्षत्रिय समाज की भावना को गहरी ठेस पहुंची है। ऐसे कृत्य को क्षत्रिय समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। बैठक में एपी सिंह, रवींद्र सिंह, अशोक सिंह हिटलर, राकेश सिंह, रामचंद्र सिंह, लाल बिहारी मौजूद रहे।

रियासतदारों ने की फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग
रियासतदारों ने भी फिल्म का विरोध शुरू कर दिया है। दियरा स्टेट के मत्स्येंद्र प्रताप शाही ने कहा कि फिल्म में रानी पद्मावती का गलत चित्रण किया गया है। यह रियासतदारों एवं क्षत्रियों के साथ पूरे समाज का अपमान है।
विज्ञापन


फिल्म के प्रसारण पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। रियासत के वैभव प्रताप (प्रतीक) ने कहा कि फिल्म में इतिहास को तोड़ा-मरोड़ा गया है। पिक्चर निर्माता पर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई इतिहास से छेड़छाड़ न कर सके।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें