बाराबंकी। केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया में रोज कुछ न कुछ नया किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। तमाम सरकारी योजनाओं के साथ-साथ टेंडर प्रक्रिया में ऑनलाइन सिस्टम लागू किए जाने के बाद भी जनप्रतिनिधियों की निधि के खर्च का ब्यौरा भी ऑनलाइन किए जाने की तैयारी की जा रही है। पोर्टल पर किस प्रकार जनप्रतिनिधियों की निधि का डाटा अपलोड करना है, इसके लिए जिले के कई कर्मचारी प्रशिक्षण लेने के लिए आज लखनऊ जाएंगे। केंद्र सरकार सांसदों को अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्य कराने के लिए हर वित्तीय वर्ष पांच करोड़ रुपये का बजट सांसद निधि के रूप में देती है। सांसद निधि के खर्च में पारदर्शिता पर अंगुली उठने व शिकायतों को लेकर केंद्र सरकार ने अब सांसद निधि के खर्च को भी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्शाने के निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार की ओर से हाल ही जारी किए गए पोर्टल पर सभी सांसदों के निधि के खर्च का ब्यौरा प्रशासन द्वारा उस पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इस पोर्टल पर काम करने के लिए ग्राम्य विकास विभाग के कई कर्मचारी व संबंधित अधिकारी आज प्रशिक्षण लेने के लिए लखनऊ जाएंगे। इस पोर्टल पर सांसदों द्वारा दिए जाने वाले विकास कार्यों के प्रस्तावों से लेकर धनराशि के खर्च तक का हर ब्यौरा अपलोड होगा। परियोजना निदेशक, ग्राम्य विकास विभाग अनिल कुमार ने कहा कि सांसद निधि के खर्च का ब्यौरा अब पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।