श्रावस्ती। राप्ती में आई बाढ़ के दौरान अलग अलग थाना क्षेत्रों में डूबे तीन लोगों के शव शुक्रवार को नदी के किनारे स्थित खतों में मिले। इनमें से दो शवों को शिनाख्त हो गई है वहीं एक के बारे में पुलिस को कोई जानकारी नहीं हो सकी है। उधर निर्माणाधीन जिला जेल के पीछे भी एक शव उतराता दिखा। ग्रामीणों की सूचना पर जब तक पुलिस मौके पर पहुंचती शव राप्ती की धारा के साथ आगे बह गया।
इकौना थाना क्षेत्र के ग्राम सेमरी तरहर निवासी राकेश कुमार (26) पुत्र कोयले बुधवार की शाम राप्ती के किनारे स्थित अपना खेत देखने गया था। इस दौरान नदी में डूबने से राकेश की मौत हो गई। परिवारीजनों को गुरुवार को राकेश का शव नदी किनारे खेत में पड़ा मिला। वहीं इकौना थाना क्षेत्र के ही ग्राम सोनपुर निवासी रामचंदर (42) पुत्र बधूराम गुरुवार देर शाम शौच के लिए गया था जहां पर रामचंदर बाढ़ के पानी में डूब गया। देर रात तक रामचंदर के न लौटने पर परिवारीजनों ने उसकी तलाश की। इस दौरान देर रात उसका शव पानी में उतराता मिला। सूचना पर पहुंची इकौना पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा कराकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं शुक्रवार को सोनवा थाना क्षेत्र के ग्राम नारायनपुर में राप्ती नदी के किनारे स्थित एक खेत में शव पड़ा दिखा। देखने से शव कई दिन पुराना प्रतीत हो रहा था। शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने इसकी सूचना सोनवा पुलिस को दी। इस बारे में थानाध्यक्ष सोनवा यासीन खां बताते हैं कि हल्का दरोगा को मौके पर भेजा गया है। वहीं शुक्रवार सुबह भिनगा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम राजापुररानी के मजरा बढ़ईपुरवा निवासी कुछ ग्रामीण निर्माणाधीन जिला कारागार के पीछे खेत देखने गए थे। जहां बूढ़ी राप्ती में उन्हें एक लाश उतराती दिखी। गांव आकर ग्रामीणों ने इसकी सूचना अन्य ग्रामीणों सहित कोतवाली पुलिस को दी। जब तक पुलिस मौके पर पहुंचती लाश पानी के तेज बहाव के कारण बह गई। इस बारे में प्रभारी निरीक्षक भिनगा राजेश सिंह बताते हैं कि सूचना मिली थी पुलिस कर्मियों को भेजा गया था। लेकिन वहां लाश नहीं बोरी बहती हुई दिखी थी। फिर भी उपनिरीक्षक को मौके पर फिर भेजा जा रहा है।