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ब्लैक फंगस के 19 नए मरीज भर्ती, केजीएमयू में दो को किया गया मरीज डिस्चार्ज

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19 New Black Fungus pateint, 2 discarged
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लखनऊ। ब्लैक फंगस के मरीज मिलने का सिलसिला जारी है। केजीएमयू, लोहिया और पीजीआई में शुक्रवार को कुल 19 नए मरीज भर्ती किए गए। राहत की बात यह रही कि किसी मरीज की मौत नहीं हुई और ठीक होेने के बाद दो लोगों को डिस्चार्ज भी किया गया।
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केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि संस्थान में 15 नए मरीज भर्ती किए गए। 10 मरीजों की सर्जरी की गई, जबकि स्वस्थ होने के बाद दो को घर भी भेज दिया गया। वहीं, लोहिया संस्थान और पीजीआई में दो-दो मरीज और आए। एक ओर राजधानी के अस्पतालों में ब्लैक फंगस के नए मरीज बढ़ रहे हैं तो दूसरी ओर इसकी दवाओं की किल्लत दूर नहीं हो रही है। शुक्रवार को रेडक्रॉस सोसाइटी के माध्यम से 50 इंजेक्शन दिए गए। सोसाइटी को शाम तक दूसरी खेप आने की उम्मीद थी, लेकिन शाम तक इंजेक्शन न आने से इंतजार ही होता रहा।
लक्षण मिलते ही नाक, कान और गला विशेषज्ञ से करें संपर्क
इंडियन मेडिकल ऑर्गनाइजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज कुमार यादव के अनुसार म्यूकरमाइकोसिस से आंखों में कई तरह के लक्षण आने लगते हैं, जैसे पलकों पर सूजन। आंखें लाल पड़ जाती हैं तथा रोशनी धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसके साथ ही आंख इधर-उधर घुमाने पर दर्द होता है। आंखों के अलावा सिर में तेज दर्द तथा नाक और मुंह से कभी-कभी खून भी आने की शिकायतें होती हैं। ऐसे में कोविड के उपचार के दौरान या ठीक होने के बाद इन लक्षणों को गंभीरता से लेते हुए नेत्र रोग तथा नाक, कान और गला रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। इलाज में देरी पर मरीज के ठीक होने की संभावना कम रहती है। इसके साथ मधुमेह रोगियों के लिए डायबिटीज का नियंत्रण जरूरी होता है। शुगर के लगातार बढ़े रहने की स्थिति में बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।
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