आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) तकनीक और कैमरों से निगरानी कर अब भिक्षावृत्ति को खत्म किया जाएगा। इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) और सेफ सिटी के तहत लगाए गए कैमरों से शहर के 19 प्रमुख चौराहों की निगरानी होगी।
इन चौराहों पर भीख मांगने वालों पर तुरंत कार्रवाई होगी। एआई की मदद से संदिग्ध गतिविधि वालों की भी पहचान की जाएगी। डीएम विशाख जी अय्यर ने 20 मई को आईटीएमएस और सेफ सिटी कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया।
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अपर नगर आयुक्त ललित कुमार ने बताया कि सेफ सिटी के तहत एक हजार एआई तकनीक वाले सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। इन कैमरों के जरिये फेशियल रिकग्निशन सिस्टम और वीडियो एनालिटिक्स डिटेक्शन सिस्टम से संदिग्धों को ट्रेस कर कार्रवाई की जाती है।
डीएम ने कहा, योजना में भिक्षावृत्ति मुक्त अभियान को भी जोड़ा जाए। इससे भीख मांगने वालों को चिन्हित कर उन पर कार्रवाई की जा सके। वहीं, ऐसे गिरोह चलाने वालों पर भी कार्रवाई हो सके। डीएम ने लाइव फुटेज देखकर चौराहों की हो रही निगरानी की प्रक्रिया को देखा।
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डीएम ने कहा, रोजाना सुबह 8 से 11:30 बजे तक और शाम को 4:30 से 7:30 बजे तक चौराहों की निगरानी की जाए। इस समयावधि में चौराहों पर सबसे अधिक भीड़ होती है। दोनों कंट्रोल रूम में प्रोबेशन विभाग की टीम तैनात की जाए। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अजय जैन, जीएम स्मार्ट सिटी व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।