स्वास्थ्य विभाग और मुख्यमंत्री सचिवालय में समन्वय की कमी से सोमवार को अजब स्थिति सामने आई। सुबह स्वास्थ्य विभाग ने सीएमओ और सीएमएस के तबादले के आदेश जारी किए थे। लेकिन देर शाम मुख्यमंत्री कार्यालय ने आदेश पर संचारी रोग नियंत्रण अभियान के मद्देनजर रोक लगा दी। सीएम योगी आदित्यनाथ इन तबादलों पर नाराजगी जताने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और आनन-फानन तबादले रोकने का आदेश जारी किया गया।
दरअसल, स्वास्थ्य विभाग ने सीएमओ-सीएमएस की तबादला सूची जारी की थी। इसमें 29 जून को अनुभाग-दो से जारी शासनादेश संख्या 2263 में 19, 2266 में 22, 2265 में छह और 2264 में 17 सीएमओ-सीएमएस के तबादले की जानकारी दी गई थी। लेकिन सूची जारी होने के कुछ ही घंटे बाद सीएम ऑफिस से संचारी रोग नियंत्रण अभियान के चलते सभी सीएमओ-सीएमएस के तबादले तत्काल प्रभाव से रोकने का फरमान आ गया। इस पर विशेष सचिव हेमंत कुमार ने तत्काल इन तबादलों को रोकने का आदेश जारी कर दिया।
सूत्रों का कहना है कि विभाग की लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सोमवार सुबह ही मुख्यमंत्री ने संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ किया था। ये अभियान पूरे प्रदेश में 31 जुलाई तक चलेगा। 18 जिलों में दस्तक अभियान भी चलना है। अधिकारी भी जानते हैं कि ये अभियान मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। इसके बावजूद ऐसे जिलों के सीएमओ व सीएमएस के तबादले कर दिए गए, जो जेई-एईएस से प्रभावित हैं। यदि ये तबादले हो जाते तो पूरा अभियान प्रभावित होने की आशंका थी।