उर्रा (बहराइच)। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से महिलाओं को स्वरोजगारी बनाया जा रहा है। उसी के तहत बिहार की 32 सदस्यीय टीम मिहींपुरवा पहुंचकर विभिन्न गांवों में पोषण विधि, श्री विधि से खेती समेत अन्य प्रशिक्षण प्रदान कर रही है। इससे महिलाओं को खेती-किसानी करने में आसानी होगी।
यूपी एसआरएलएम की ओर से कतर्निया से सटे गांवों में महिलाओं को स्वरोजगारी बनाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसी क्रम में समूह की महिला के लिए किसान पाठशाला व महिला किसान सशक्तिकरण के लिए 21 दिवसीय सीआरपी में प्रशिक्षण चल रहा है।
प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को आजीविका चलाने के तरीके बताए जा रहे हैं। उपायुक्त स्वत: रोजगार सुरेंद्र गुप्त ने बताया कि जीविका बिहार की ओर से आई टीम के सदस्यों ने मिहींपुरवा पहुंचकर वैज्ञानिक विधि से खेती के तरीके बताए। उन्होंने बताया कि एनआरएलम द्वारा संचालित गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम से किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
ब्लॉक एंकर पर्सन नंदकिशोर ने बताया कि 32 कृषि विशेषज्ञ 40 गांव में समूह की महिलाओं के लिए किसान पाठशाला का आयोजन कर वैज्ञानिक विधि से खेती के तरीके बता रहे हैं। टीम द्वारा बीज उपचारित करना, वर्मी कंपोस्ट, किचन गार्डन, पोषण वाटिका, बोरा बगीचा बनाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
प्रशिक्षण कतर्निया से सटे मधवापुर, कंजड़वा, भगड़िया, मटेहीकला, चहलवा, चफरिया, कठौतिया, अमृतपुर, हरखापुर, बभनिया फाटा गांव में चलाया जा रहा है। इस मौके पर विकास खंड प्रबंधक अनुराग पटेल, पीआरपी चंदन कुमार, शिव बचन कुमार, सत्यनरायन भगत, राजेंद्र कुमार, गीता देवी आदि मौजूद रहेे।
50 महिला किसानों का होगा चयन
ब्लॉक एंकर पर्सन नंदकिशोर शाह ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त कर रही विभिन्न गांवों की 50 कृषि महिला सखी का चयन किया जाएगा। सखी महिला गांवों में महिलाओं को खेती, कंपोस्ट बनाने समेत अन्य जानकारियों से अवगत कराएंगी।