70 बीघा खेत के साथ ही आठ घरों की जमीन भी नदी में समाई
रेउसा/ सीतापुर। रेउसा क्षेत्र में गुरुवार रात से घाघरा नदी के जलस्तर में मामूली गिरावट देखने को मिली है। यह खबर राहत देने वाली है लेकिन इसके साथ ही कटान की मुसीबत आ गई है। नदी ने तटीय क्षेत्र में कटान तेज कर दिया है। खासकर नदी चहलारी घाट के निकट कटान कर रही है।
वहीं पचीसा टापू पर नदी ने आठ घरों की जमीन को निगल लिया है, पीड़ित कटान से पहले ही झोपड़ी हटाकर सुरक्षित स्थान पर चले गए थे। उधर बैराजों से राहत देने वाली खबर आई है। गुरुवार को बैराजों से 73,859 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इनमें 55,192 क्यूसेक पानी सीतापुर की तरफ बढ़ रहा है।
इससे आगे के दिनों में नदी के जलस्तर में और कमी आने का अनुमान लगाया जा रहा है। यहां बता दे कि बीते दिन दिनों से घाघरा उफान मारने लगी थी। रेउसा में नदी का पानी तमाम स्थानों पर उफना गया था। खासकर तटीय इलाके की फसलें बाढ़ के पानी की चपेट में आ गई थीं।
जबकि आबादी वाले इलाके में हड़कंप मचा हुआ था। लोगों को भय था कि अगर पानी इसी तरह से बढ़ता रहा, तो जल्द ही तटीय इलाका बाढ़ की चपेट में आ जाएगा। लेकिन गुरुवार रात से नदी के जलस्तर में गिरावट शुरू हो गई। सुबह होते-होते करीब एक फीट पानी नीचे चला गया था।
इससे बाढ़ की संभावना फिलहाल टलती नजर आ रही है। बाढ़ टलते देख ग्रामीणों ने जहां राहत की सांस ली, वहीं नदी ने यकायक कटान तेज कर दिया है। पचीसा टापू पर बसे शीतला, स्वामी लाल, राजेश, भुलावन टापू पर मौजूद अपनी झोपड़ी व घरेलू सामान को समेटकर नाव से मारू बेहड़ आ पहुंचे हैं।
उनके निकलने के बाद नदी ने उस स्थान को निगल लिया, जिस स्थान पर शीतला आदि की झोपड़ियां पड़ी हुई थीं। इधर नदी नगीना पुरवा, कोनी, लोध पुरवा, मरेली, जैतहिया आदि गांवों के करीब तेजी से कटान कर रही है। इससे तटीय क्षेत्र के खेत नदी में समाते चले जा रहे हैं।
गुरुवार को करीब 70 बीघा खेती, कटकर नदी में समा गई थी। जबकि कटान जारी था। लोगों को बाढ़ से राहत मिली, तो कटान मुसीबत बनी हुई है। गुरुवार को शारदा व घाघरा बैराज से कुल 55,192 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह पानी सीतापुर की तरफ बढ़ रहा है। जबकि बनबसा बैराज से 18,667 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
यह पानी शारदा बैराज से होकर गुजरेगा। इससे साफ है कि अभी केवल 55,192 क्यूसेक पानी ही सीतापुर की तरफ बढ़ रहा है। जानकारों का कहना है कि इतने पानी से नदी पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। नदी का पानी अब और उफान नहीं मारेगा, बल्कि घटता ही जायेगा।
कटान के मुहाने पर सड़क
दुर्गापुरवा के निकट बना मुख्यमार्ग भी अब घाघरा के कटान के मुहाने पर आ गया है। हालांकि यहां पर इंजीनियरों ने स्टड बनाये हैं और यह काम अभी जारी है। लेकिन जिस तरह से नदी का पानी सड़क से महज 5 कदम दूरी पर बह रहा है। उससे सड़क पर कटान का खतरा मंडराता नजर आ रहा है। तटीय क्षेत्र के बाशिंदों की माने तो अगर यह सड़क कट गई तो दुर्गा पुरवा का मुख्यालय से संपर्क टूट जाएगा।
मदद को पहुंची पीएसी
बाढ़ को देखते हुए तटीय क्षेत्र के बाशिंदों की मदद के लिए पीएसी दल पहुंच गया है। यह टीम स्टीमर, लाइफ जैकेट व अन्य बचाव संशाधनों से लैस है। इस टीम को अभी रेउसा कस्बे में रोका गया है। अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर टीम को मौके पर तैनात कर दिया जाएगा।
घटा है पानी
घाघरा के जलस्तर में कमी आई है। अभी बाढ़ जैसी कोई नौबत नहीं है। नजर रखी जा रही है, प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है।
-विनय पाठक, एडीएम