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14 साल बाद दूर हुए गिले शिकवे

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गोंडा। 26 अप्रैल 2004 को लोकसभा चुनाव के दिन रात में घनश्याम शुक्ल की मौत हो गई थी। इसका आरोप सांसद कैसरगंज बृजभूषण शरण सिंह पर लगा था। इसकी सीबीआई जांच हुई। सीबीआई ने सांसद बृजभूषण शरण सिंह को निर्दोष माना। यह खटास पूर्व मंत्री घनश्याम शुक्ल व सांसद के परिवारों के बीच पनपी, जिसे मिटाने में 14 साल लग गए। सोमवार को पूर्व मंत्री स्व. घनश्याम शुक्ल व तीन बार मेहनौन से विधायक रहीं नंदिता शुक्ला के पुत्र राहुल शुक्ल के तिलक के दिन 14 साल की खटास समाप्त हो गई, जब सांसद बृजभूषण शरण सिंह की पत्नी पूर्व सांसद व जिला पंचायत अध्यक्ष केतकी सिंह वहां पहुंचीं। केतकी सिंह के साथ जिले के तमाम वरिष्ठ नेता भी गए। इस तिलकोत्सव का आयोजन नंदिता शुक्ल ाके गांव दतौली में किया गया। जिसमें पूर्व सांसद व भाजपा के कद्दावर नेता सत्यदेव सिंह, पूर्व मंत्री शिव प्रताप यादव, योगेश प्रताप सिंह, उतरौला के भाजपा विधायक राम प्रताप वर्मा, सपा जिलाध्यक्ष बलरामपुर ओंकारनाथ पटेल, पूर्व विधायक राम प्रताप सिंह, एमएलसी महफूज खां आदि वरिष्ठ नेता शामिल हुए। केतकी सिंह ने राहुल शुक्ल को शुभकामनाएं दीं और नंदिता शुक्ला से मिलकर गिले शिकवे दूर किए।
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